अलीगढ़। पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शस्त्रों की खरीद-फरोख्त करने व डकैती की योजना बना रहे 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एएमयू के दो छात्र भी हैं।
एक अलीगढ़ का और दूसरा फिरोजाबाद का रहने वाला है। एक युवक दिल्ली का है, जो तीन पिस्टल खरीद चुका है। आरोपितों से छह पिस्टल, कारतूस, एक फर्जी नंबर प्लेट लगी स्विफ्ट कार व एक बाइक बरामद की है।
एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने गुरुवार को मीडिया को बताया कि छह व सात मई की रात खंडहर पड़े किले में बदमाशों के जुटने और अवैध शस्त्रों की खरीद-बिक्री की सूचना मिली थी। पुलिस की टीमों ने घेराबंदी कर आठ बदमाशों को गिरफ्तार किया। चार अन्य को बाद में पकड़ा गया।
गिरफ्तार आरोपितों में क्वार्सी क्षेत्र की टीचर्स कॉलोनी अल्पाइन अपार्टमेंट वाली गली रठगांव रोड निवासी अहमद चिंगारी, कोतवाली नगर क्षेत्र के ऊपरकोट का हाजी कासिफ, सिविल लाइन क्षेत्र की गुलजार गली जमालपुर निवासी कासिम, क्वार्सी क्षेत्र में टीचर्स कॉलोनी क्लासिक अपार्टमेंट निवासी असद उर्फ चेतन, मौलाना आजाद नगर निवासी मोहम्मद जुनैद, नगला पटवारी निवासी मोहम्मद अरसलान, रोरावर क्षेत्र के शाहजमाल निवासी कामरान, लोधा निवासी प्रमोद, दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-22 निवासी सौरभ, खैर बाइपास निवासी प्रियेंद्र प्रताप सिंह, सिविल लाइन क्षेत्र के उमर मस्जिद के पीछे नाला रोड जमालपुर निवासी मोहम्मद कासिफ और फिरोजाबाद के थाना दक्षिण क्षेत्र के इस्लामगंज स्टेशन रोड निवासी शहवान है।
शहवान और मोहम्मद कासिफ एएमयू के छात्र हैं। शहवान बीए कर रहा है। कासिफ की कक्षा के बारे में यूनिवर्सिटी से पता कराया जा रहा है। आरोपितों के खिलाफ थाना सिविल लाइन में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
दिल्ली निवासी सौरभ गैंग से पिस्टल खरीदता था। तीन पिस्टल अभी तक खरीद चुका है। दो पिस्टल उससे बरामद भी हुई हैं। शहर के सराय हकीम बीते 12 मार्च को हुई फायरिंग में भी इसी गैंग की बेची गई पिस्टल का इस्तेमाल किया गया था। हाजी कासिफ गिरोह का सरगना है। पिस्टलों की आपूर्ति यही करता था।
