हिमाचल प्रदेश में बारहवीं कक्षा के नतीजों में टॉप 100 में आधे से ज्यादा मेधावी सरकारी स्कूलों से हैं। सरकारी स्कूलों की पास प्रतिशतता 92 प्रतिशत के पार रही है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी मेहनती और प्रतिभाशाली हैं और उचित मार्गदर्शन, प्रोत्साहन मिलने पर वह उत्कृष्ट प्रदर्शन करने में सक्षम हैं।
इस बार हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 12वीं परीक्षा के नतीजों में 50 से अधिक सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी मेरिट सूची के टॉप 100 में शामिल हुए हैं। इस वर्ष टॉप 100 में 48 छात्राओं और 10 छात्रों ने स्थान बनाया, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या 41 छात्राओं और 9 छात्रों की थी।
वर्ष 2024 में 23 छात्राएं और 7 छात्र और वर्ष 2023 में 33 छात्र, 9 छात्राएं टॉप-100 में स्थान बनाने में सफल रहे थे। इस वर्ष सरकारी स्कूलों का पास प्रतिशत 92.02 रहा। जबकि वर्ष 2025 में पास प्रतिशत 88.64, वर्ष 2024 में 73.76 प्रतिशत और वर्ष 2023 में 79.40 प्रतिशत रहा था। कई वर्षों के बाद इस बार 12वीं का ओवरऑल टॉपर सरकारी स्कूल से आया है। सकारात्मक परिणामों पर मुख्यमंत्री ने कहा विद्यार्थियों और शिक्षकों की मेहनत रंग लाई। इससे साफ है कि अभिभावकों का सरकार के फैसलों पर विश्वास है। सरकार ने पिछले तीन वर्षों में शिक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली से अवगत करवाने के लिए विदेशों में एक्सपोजर विजिट करवाई गई हैं, वहीं मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों को भी विदेश भ्रमण का अवसर दिया गया है। उधर, स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बोर्ड की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
विद्यार्थियों से बोले सीएम, मैं भी सरकारी स्कूल में पढ़ा हूं
मुख्यमंत्री सुक्खू बुधवार सुबह अपने सरकारी आवास ओकओवर से सचिवालय के लिए पैदल आए। रास्ते में उन्होंने पोर्टमोर स्कूल की छात्राओं से सीबीएसई पाठ्यक्रम पर बातचीत की। भविष्य में छात्राओं ने क्या बनना है। इसको लेकर सवाल भी किए। मुख्यमंत्री ने बच्चों से बात करते हुए कहा कि मैं भी सरकारी स्कूल से पढ़ा हूं और राज्य का मुख्यमंत्री हूं। आप भी कड़ी मेहनत से पढ़ाई कर अपना लक्ष्य प्राप्त करना। इस दौरान कुछ छात्राओं ने मुख्यमंत्री के पांव छूए तो सीएम ने उन्हें ऐसा करने से मना करते हुए कहा कि कन्याएं पैर नहीं छूतीं। मुख्यमंत्री ने इस दौरान छोटा शिमला चौक पर चल रहे निर्माणकार्य का भी जायजा लिया। मुख्यमंत्री के साथ मेयर सुरेंद्र चौहान और सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम भी मौजूद रहे।
