लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को दोपहर तीन बजे उनके आवास पांच कालिदास मार्ग पर कैबिनेट की बैठक होगी। इसमें करीब दो दर्जन प्रस्ताव आ सकते हैं। अहम प्रस्तावों में वर्ष 2026-27 के लिए नई वार्षिक स्थानांतरण नीति है, जिसे कैबिनेट की बैठक में स्वीकृति मिल सकती है।
इसके तहत सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले 31 मई तक हर हाल में पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। पिछले वर्ष 15 जून तक तबादले किए गए थे।
नई नीति के अनुसार समूह ‘क’ और ‘ख’ के वे अधिकारी जो किसी एक जिले में तीन वर्ष और मंडल में सात वर्ष की सेवा पूरी कर चुके हैं, उनका स्थानांतरण अनिवार्य रूप से किया जाएगा। वहीं, इन वर्गों में अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही तबादले किए जा सकेंगे।
समूह ‘ग’ और ‘घ’ के कर्मचारियों के लिए यह सीमा 10 प्रतिशत तय की गई है, जिसे विशेष परिस्थितियों में 20 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है। इन वर्गों में तबादले विभागाध्यक्ष और विभागीय मंत्री की अनुमति से होंगे।
नीति में यह भी स्पष्ट किया गया है कि समूह ‘क’ और ‘ख’ के अधिकारियों को उनके गृह जिले में तैनाती नहीं दी जाएगी। वहीं, आकांक्षी जिलों और विकासखंडों में सभी पदों को प्राथमिकता से भरा जाएगा और वहां तैनात कर्मियों को दो वर्ष बाद स्थानांतरित किया जाएगा।
सरकार ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए मेरिट आधारित आनलाइन ट्रांसफर सिस्टम लागू करने पर जोर दिया है। साथ ही, स्थानांतरित कर्मचारियों को एक सप्ताह के भीतर नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य होगा, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा दिव्यांग कर्मचारियों, पति-पत्नी दोनों के सरकारी सेवा में होने और सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके कर्मचारियों के लिए विशेष प्रविधान भी किए गए हैं, ताकि उन्हें राहत मिल सके।
इसके अलावा एक अन्य प्रस्ताव के तहत प्रदेश के करीब नौ लाख राज्य कर्मियों की पदोन्नति प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने के लिए तय कटआफ डेट जुलाई के स्थान पर दिसंबर करने की तैयारी है। इससे अधिक कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति का लाभ मिल सकेगा।
हर जिले में तैनात होंगे सीएम फेलो, 60 हजार रुपये मानदेय
प्रदेश सरकार अब प्रत्येक जिले में “सीएम फेलो” नियुक्त करेगी। यह जिला स्तर पर विकास कार्यों, डाटा विश्लेषण और नीतियों के क्रियान्वयन की निगरानी में सहयोग करेंगे। फेलो को मासिक मानदेय के रूप में 60 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसमें 10 हजार रुपये मासिक आवास भत्ता शामिल है। सोमवार को कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल सकती है।
चयन प्रक्रिया में अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता, सामान्य ज्ञान, अर्थशास्त्र, सांख्यिकी और तकनीकी कौशल का मूल्यांकन किया जाएगा। साथ ही, तार्किक क्षमता, निर्णय क्षमता और समस्या समाधान कौशल को भी अहम आधार बनाया जाएगा।
इस कार्यक्रम के तहत चयनित युवाओं को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा और उन्हें जिला प्रशासन के साथ मिलकर काम करने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, बल्कि युवाओं को नीति निर्माण और जमीनी स्तर पर काम करने का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त होगा।
एक जिला एक व्यंजन योजना को मिल सकती है स्वीकृति
कैबिनेट की बैठक में सूक्ष्म, लघु एवं माध्यम उद्यम विभाग की एक जिला एक व्यंजन योजना को भी स्वीकृति मिल सकती है। माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत 150 राजकीय विद्यालयों में स्किल लैब की स्थापना को भी हरी झंडी मिल सकती है। यह लैब टाटा की कंपनी नेल्को नेटवर्क प्रोडक्ट लिमिटेड के सहयोग से स्थापित की जाएंगी।
इसके अलावा आरएसएस के 100 वर्ष पर आधारित फिल्म शतक और फिल्म गोदान को दर्शकों के लिए टैक्स फ्री करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिल सकती है।
