शिमला। केंद्र सरकार की तरह राज्य सरकार के कर्मचारियों की महंगाई भत्ते की मांग पर दायर याचिका में हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है।
कोर्ट ने सरकार से चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। न्यायाधीश जियालाल भारद्वाज ने याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान उपरोक्त आदेश दिए। प्रार्थी के अनुसार वह लिपिक के पद पर शिक्षा विभाग में 28 जनवरी 1998 को तैनात हुआ था।
जुलाई 2008 को उसे वरिष्ठ सहायक के पद पर पदोन्नति किया गया। जुलाई 2014 में उसे सुपरिटेंडेंट ग्रेड-2 के पद पर पदोन्नत किया। प्रार्थी के अनुसार वेतन के साथ मिलने वाले महंगाई भत्ते को नौ फरवरी 2022 को 28 से 31, 27 अप्रैल 2023 को 31 से 34, दो मार्च 2024 को 34 से 38, 16 अक्टूबर 2024 को 38 से 42 और 15 अक्टूबर 2025 को 42 से 45 प्रतिशत किया गया।
आज के समय में राज्य सरकार महंगाई भत्ता 45 प्रतिशत के हिसाब से अदा कर रही है जो एक जुलाई 2023 से लागू किया है। जबकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत के हिसाब से दिया जा रहा है।
जिस कारण हिमाचल व केंद्र सरकार के कर्मचारियों को मिलने वाले महंगाई भत्ते में 15 प्रतिशत का अंतर है। प्रार्थी को इस अंतर से लगभग 10000 रुपये हर महीने कम मिल रहे हैं। प्रार्थी ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर महंगाई भत्ता दिए जाने की दलील कोर्ट की समक्ष रखी है। मामले पर सुनवाई चार जून को होगी।
