पटना : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद अब बिहार मंत्रिमंडल विस्तार का काउंटडाउन शुरू हो गया है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा से दिल्ली में मुलाकात की है.
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर यह मुलाकात महत्वपूर्ण मानी जा रही है. मंत्रियों के नाम पर मंथन होने की भी खबर है. जेडीयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार का भी कहना है कि जल्द मंत्रिमंडल का विस्तार होगा. जेडीयू में पुराने मंत्रियों को रिपीट किया जा सकता है. बीजेपी भी अपने कई पुराने मंत्रियों को फिर से मौका देगी. हालांकि जेडीयू-बीजेपी में कुछ नए चेहरे भी देखने को मिल सकता है.
सम्राट चौधरी की सरकार बने 16 दिन हो गए : 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री की शपथ ली थी. सम्राट चौधरी के साथ विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव ने भी मंत्री पद की शपथ ली थी. दोनों को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है. सरकार बने 16 दिन हो गए हैं लेकिन मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हुआ है. बंगाल चुनाव में भाजपा नेताओं के व्यस्त रहने के कारण मंत्रिमंडल विस्तार लटका हुआ था.
अगले सप्ताह विस्तार संभव : अब चूंकि बंगाल चुनाव हो गया है. 4 मई को बंगाल सहित पांच राज्यों का रिजल्ट भी आ जाएगा. ऐसे में बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार का काउंटडाउन भी शुरू हो गया है. दोनों पार्टी के सूत्रों का कहना है कि अगले सप्ताह यानी 4 से लेकर 10 मई के बीच कभी भी मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है. नितिन नबीन के अचानक संजय झा से मुलाकात से मंत्रिमंडल विस्तार का कयास और तेज हो गया है.
‘जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार’ : नीतीश कुमार के खास और जेडीयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार का कहना है कि जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार होगा. श्रवण कुमार को नीतीश मंत्रिमंडल में लगातार ग्रामीण विकास विभाग की जिम्मेदारी मिलती रही है. वैसे श्रवण कुमार का कहना है कि मंत्रिमंडल में किसे मंत्री बनाया जाएगा, किसे कौन सा विभाग मिलेगा, यह मुख्यमंत्री का अधिकार है. जो हमारे नेता हैं वह तय करेंगे.
JDU में कौन-कौन नाम आगे? : राजनीतिक विशेषज्ञ प्रियरंजन भारती का कहना है कि नीतीश कुमार मंत्रिमंडल में बहुत ज्यादा बदलाव करेंगे इसकी उम्मीद कम है. वह मंत्रिमंडल में अपने विश्वासपात्र लोगों को फिर से जगह देंगे, जिसमें दो विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव उपमुख्यमंत्री बनाए जा चुके हैं. उसके अलावा श्रवण कुमार को फिर से मंत्री पद मिलेगा उन्हें विधायक दल का नेता भी बनाया गया है. लेसी सिंह, सुनील कुमार, अशोक चौधरी, भगवान सिंह कुशवाहा, मदन सहनी, जमा खान, शीला मंडल, जयंत राज, रत्नेश सदा को फिर से मंत्रिमंडल में मौका मिल सकता है.
”रत्नेश सदा, जयंत राज और शीला मंडल को इससे पहले मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली थी. महेश्वर हजारी भी मंत्री बनने के लाइन में खड़े हैं. इसके अलावा कुछ युवा चेहरे को भी नीतीश कुमार, सम्राट मंत्रिमंडल में जगह दे सकते हैं.”– प्रियरंजन भारती, राजनीतिक विशेषज्ञ
BJP में किन्हें बनाया जाएगा मंत्री? : प्रियरंजन भारती का कहना है कि जहां तक बीजेपी की बात है. बीजेपी में भी पुराने मंत्रियों को फिर से मौका मिल सकता है. जिसमें मंगल पांडेय, श्रेयसी सिंह, विजय कुमार सिन्हा, दिलीप जायसवाल, अरुण शंकर प्रसाद, संजय सिंह टाइगर, रामकृपाल यादव, लखेन्द्र पासवान, प्रमोद कुमार चंद्रवंशी, रमा निषाद, जीवेश मिश्रा को फिर से मौका मिल सकता है. कुछ नए चेहरे को भी बीजेपी मौका दे सकती है जिसमें नीतीश मिश्रा, संजीव चौरसिया का भी नाम आ रहा है.
”सबकी नजर विजय कुमार सिन्हा पर है. नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में उपमुख्यमंत्री थे, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग उन्हें दिया गया था. इस बार उन्हें कौन सा विभाग दिया जाता है.”- प्रियरंजन भारती, राजनीतिक विशेषज्ञ
अन्य दलों में No Change : प्रिय रंजन भारती का कहना है कि चिराग पासवान अपने दोनों मंत्रियों संजय सिंह और संजय पासवान को रिपीट करेंगे, यह तय माना जा रहा है. जो कुछ भी नया चेहरा देखने को मिलेगा उसमें जेडीयू और बीजेपी के ही होंगे. जहां तक ‘हम’ की बात है, जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन एक बार फिर से मंत्री बनेंगे. उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश भी फिर से मंत्री बनेंगे यह लगभग तय है.
दीपक प्रकाश को लेकर माथापच्ची : सबकी नजर इस बात पर भी है कि उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को इस बार मंत्रिमंडल में जगह मिलती है या नहीं. नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में दीपक प्रकाश को पंचायती राज मंत्री बनाया गया था जबकि दीपक प्रकाश दोनों सदनों में से किसी के सदस्य नहीं थे. अब सरकार बदल गई है, मंगल पांडेय की जगह सूर्य कुमार शर्मा को बीजेपी ने एमएलसी बनाने के फैसला लिया है. ऐसे में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि दीपक प्रकाश का क्या होगा?
यह सवाल इसलिए भी उठ रहा है क्योंकि दीपक प्रकाश के मंत्री बनाए जाने पर आरएलएम में बगावत भी शुरू हो गया था. पार्टी के विधायकों ने मोर्चा खोल दिया था. उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में उनकी पत्नी के साथ तीन विधायक रामेश्वर महतो, माधव आनंद और अनिल कुमार सिंह हैं. रामेश्वर महतो ने परिवारवाद का आरोप लगाते हुए सबसे पहले मोर्चा खोला था, हालांकि अब उनके स्वर बदल गए हैं.
”बगावत नहीं की थी, हमने अपनी बात रखी थी. उपेंद्र कुशवाहा पार्टी के सर्वमान्य नेता हैं, जो फैसला लेंगे हम लोग उसे मानेंगे.”– रामेश्वर महतो, विधायक राष्ट्रीय लोक मोर्चा
33 और मंत्री बनाए जाएंगे : बिहार में 243 विधायक हैं, उस हिसाब से 36 मंत्री तक बनाए जा सकते हैं. अभी सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में केवल तीन मंत्री हैं, 33 मंत्री और बनाए जा सकते हैं. मंत्रिमंडल में जेडीयू और बीजेपी के बीच लगभग बराबर मंत्रियों का बंटवारा होगा. भाजपा के 89 विधायक हैं इसलिए एक मंत्री पद ज्यादा मिल सकता है. जेडीयू के 15 मंत्री होंगे तो बीजेपी के 16, लोजपा रामविलास के दो, हम के एक और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के एक मंत्री फिर से बनाए जा सकते हैं.
क्या नए को मिलेगा मौका? : इस बार विधानसभा चुनाव में करीब 50% नए विधायक बने हैं. जिसमें से कई युवा चेहरे हैं जो मंत्रिमंडल में आने को बेताब हैं. अब देखना है उसमें से किसकी लॉटरी लगती है? सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल विस्तार में जातीय और सामाजिक समीकरण के साथ आधी आबादी पर भी जोर होने की बात कही जा रही है. एनडीए गठबंधन 2029 और 2030 को ध्यान में रखकर भी मंत्रिमंडल विस्तार करेगी यह माना जा रहा है.
तेजस्वी का तंज : मंत्रिमंडल विस्तार में हो रही दे रही है के कारण नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने हमला भी शुरू कर दिया है. कहा कि बिहार में 2025 में हुए विधानसभा चुनाव में एनडीए को 202 सीटों पर जीत मिली, दो मुख्यमंत्री बनने के बाद भी पिछले 5 महीना में अभी तक पूरी तरह से मंत्रिमंडल का गठन नहीं हुआ.
