चंडीगढ़। हरियाणा में अनधिकृत औद्योगिक कालोनियों को नियमित करने की दिशा में प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब उन क्लस्टर में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) और भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है, जहां न्यूनतम 10 एकड़ क्षेत्र में कम से कम 50 उद्यमी कारोबार कर रहे हैं। इस फैसले से हजारों उद्यमियों को बड़ी राहत मिली है।
उद्योग और वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. अमित कुमार अग्रवाल ने हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति में अधिसूचित 16 प्रोत्साहन योजनाओं के लिए नियमों में संशोधन किया है।
इनमें प्रौद्योगिकी अधिग्रहण सहायता, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र हेतु एमएसएमई एक्सचेंज इक्विटी योजना, परीक्षण उपकरण सहायता, बाजार विकास सहायता, पेटेंट पंजीकरण, ऊर्जा संरक्षण, जल संरक्षण, गुणवत्ता प्रमाणन सहायता और नेट एसजीएसटी के बदले निवेश सब्सिडी योजना शामिल हैं।
2021 से पहले सभी उद्योग योजना के लिए पात्र
इसी तरह क्रेडिट रेटिंग योजना, सुरक्षा अनुपालन, अनुसंधान एवं विकास केंद्र, कोलेटरल-फ्री क्रेडिट गारंटी, प्रौदयोगिकी उन्नयन हेतु राज्य क्रेडिट लिंक्ड ब्याज सब्सिडी, मालभाड़ा सहायता और अवसंरचना औद्योगिक विकास योजना इसमें शामिल है।
एक जनवरी 2021 से पहले से उत्पादन कर रहे सभी उद्योग योजना के लिए पात्र होंगे। इसके अलावा योजना का लाभ उन नई अल्ट्रा एवं मेगा परियोजनाओं, बड़ी परियोजनाओं तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को भी मिलेगा।
जिन्होंने एक जनवरी 2021 के बाद और 31 दिसंबर 2025 से पहले प्लांट, मशीनरी या इक्विपमेंट में निवेश के रूप में कैपिटल खर्च किया है और वाणिज्यिक उत्पादन (पूंजी अनुदान के लिए) में आए हैं या जिसे सावधि ऋण (ब्याज अनुदान के लिए) मंजूर किया गया है। वह उद्यम जो नीति शुरू होने की तिथि यानी 01.01.2021 को या उसके बाद वाणिज्यिक उत्पादन में आए हैं।
25 रुपये प्रति वर्ग मीटर की स्क्रूटनी फीस लगेगी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने साल 2025-26 का बजट पेश करते हुए अनधिकृत औद्योगिक कालोनियों को नियमित करने की घोषणा की थी। अनधिकृत औद्योगिक कालोनियों को सभी संबंधित विभागों द्वारा तब तक वैध कालोनियां मानकर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जब तक उन पर उद्यमियों के आवेदन पर अंतिम फैसला नहीं हो जाता। उद्यमियों को सामूहिक रूप से पोर्टल पर औद्योगिक अनियमित कालोनी को नियमित करने के लिए आवेदन करना होगा। पोर्टल पर अस्थाई छूट या नियमितीकरण प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करते समय हर आवेदन पत्र पर 25 रुपये प्रति वर्ग मीटर की स्क्रूटनी फीस लगेगी।
