शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवारों के चयन और सत्यापन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। नए नियमों के तहत अब ऐसे परिवारों को भी बीपीएल सूची में शामिल किया जाएगा, जिन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में कम से कम 5 दिन कार्य किया हो।
इस संबंध में 18 अप्रैल तक आवेदन मांगे गए हैं। जबकि 21 अप्रैल तक संबंधित एसडीएम अधिसूचित करेंगे। इससे पूर्व 20 दिन मनरेगा के कार्य करने वाले परिवारों को बीपीएल सुचित में शामिल किया गया। इसके आधार पर 17200 परिवार बीपीएल में शामिल किए गए। अभी तक 1.10 लाख बीपीएल परिवारों का नए सर्वे के आधार पर चयन किया गया है। हालांकि इन्हें सरकार से मंजूरी मिलने के बाद ही शामिल किया जाएगा।
ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार यह फैसला वास्तविक जरूरतमंदों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से लिया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बीपीएल सर्वे के पहले से छठे चरण (फेज-1 से फेज-6) तक किसी कारणवश छूटे पात्र परिवारों को भी इस बार शामिल होने का अवसर मिलेगा।
इसके अलावा नए आवेदन भी आमंत्रित किए गए हैं, जिनकी अंतिम तिथि 18 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 21 अप्रैल तक ब्लाक स्तर पर गठित समितियां पात्र परिवारों की प्रारंभिक सूची जारी करेंगी। इसके उपरांत राज्य स्तरीय समिति द्वारा पंचायतवार सत्यापन के बाद बीपीएल सूची के सातवें चरण की अंतिम सूची जारी की जाएगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पहले से तैयार बीपीएल सूचियों में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा। सातवें चरण में केवल नए और छूटे हुए पात्र परिवारों को ही संशोधित मानकों के आधार पर शामिल किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सत्यापन और अपील की व्यवस्था भी रखी गई है।
बीपीएल परिवारों को मिलने वाले लाभ
सस्ते दर पर गेहूं, चावल, दाल सहित राशन आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख तक स्वास्थ्य बीमा
सरकारी अस्पतालों में निशुल्क व रियायती इलाज व दवाइयां बच्चों को छात्रवृत्ति, फीस में छूट, निशुल्क किताबें आदि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए सहायता स्वरोजगार योजनाओं में प्राथमिकता उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन व बिजली बिल में राहत वृद्धावस्था, विधवा व दिव्यांग पेंशन अन्य सरकारी योजनाओं व बैंक लोन में प्राथमिकता
