लखनऊ। उत्तर प्रदेश में साढ़े पांच माह चले विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान के बाद अंतिम मतदाता सूची शुक्रवार को जारी कर दी गई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने इसको जारी किया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यूपी में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। उत्तर प्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुल 13 करोड़ 39 लाख 84 हजार 792 वोटर हैं। 84,28,767 मतदाता बढ़े हैं, लेकिन 2024 के मुकाबले 2.06 करोड़ वोटर के नाम कट गए हैं। मतदाता सूची का अभियान 166 दिन चला।
नवदीप रिणवा ने बताया कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह फाइनल लिस्ट प्रकाशित की गई है। राज्य में अब कुल 13.39 करोड़ 84 हजार मतदाता हैं, जिसमें करीब 84 लाख नए वोटर जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि प्रयागराज, लखनऊ और जौनपुर जैसे जिलों में मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने शुक्रवार को अंतिम मतदाता सूची जारी करते हुए बताया कि 166 दिन चली एसआईआर की प्रक्रिया के बाद कुल 2,04,45,300 मतदाता कम हुए हैं। अभियान से पहले प्रदेश में 15.44 करोड़ मतदाता थे जबकि अब 13.40 करोड़ मतदाता रह गए हैं। कुल मतदाताओं की संख्या में 13.24 प्रतिशत कमी आई है। राजधानी लखनऊ में सर्वाधिक 22.89 प्रतिशत मतदाता कम हुए हैं। पुरुषों के मुकाबले महिला मतदाता भी कम हुईं हैं। एक हजार पुरुषों पर अब 834 महिलाएं रह गईं हैं। एसआईआर से पहले यह आंकड़ा 877 महिलाओं का था। उन्होंने बताया कि 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे। सुनवाई के बाद 3.50 लाख मतदाता संतोषजनक प्रमाणपत्र नहीं दे सके, इसलिए इनके नाम काटे गए हैं। ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन छह जनवरी को हुआ था, जिसमें 12.55 करोड़ मतदाता थे। उससे अब तक 84.28 लाख मतदाता बढ़ गए हैं। प्रयागराज, लखनऊ, बरेली, गाजियाबाद व जौनपुर में सबसे अधिक मतदाता बढ़े हैं। वहीं सबसे ज्यादा नाम कटने वाले जिलों में लखनऊ, गाजियाबाद, कानपुर, गौतमबुद्धनगर व मेरठ शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि एसआइआर में यदि कोई निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के निर्णय से असंतुष्ट है तो वह जिलाधिकारी के समक्ष अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि से 15 दिनों के अंदर प्रथम अपील कर सकता है। यदि अपीलकर्ता जिलाधिकारी के निर्णय से असंतुष्ट है तो वह 30 दिनों के अंदर मुख्य निर्वाचक अधिकारी के समक्ष द्वितीय अपील प्रस्तुत कर सकता है। द्वितीय अपील डाक से भी भेजी जा सकती है।
यूपी में छह करोड़ से अधिक महिला मतदाता हैं। उन्होंने बताया कि प्रयागराज, लखनऊ और जौनपुर जैसे जिलों में मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि जिनका नाम सूची में नहीं है, वे फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं।
कोई भी इस वेबसाइट https://electoralsearch.eci.gov.in/ पर जाकर अपना नाम ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। जिनका नाम नहीं जुड़ पाया है, वे फार्म 6 भरकर जुड़वा सकते हैं।
दो करोड़ से ज्यादा वोटर्स के नाम कटे
अक्टूबर को जब मतदाता सूची फ्रीज हुई थी तब 15 करोड़ 44 लाख के आसपास मतदाता थे। आज जारी अंतिम सूची के मुताबिक 13 करोड़ 39 लाख 84 हजार 792 वोटर हैंष ऐसे में 2 करोड़ 5 लाख वोटर्स के आसपास नाम कटे हैं।
उत्तर प्रदेश में मतदाता 2026
- कुल मतदाता- 13 करोड़ 39 लाख,84 हजार,792
- पुरुष मतदाता- 7 करोड़,30 लाख,71 हजार,61 (54.54%)
- महिला मतदाता- 6 करोड़,9 लाख,9 हजार 525 (45.46%)
- जेंडर रेशियो घटकर 834 रह गई है। एसआईआर के पहले यह 866 थी।
- सबसे अधिक वोट महिलाओं के कम हुए हैं।
- 2024 के मुकाबले 2.06 करोड़ वोटर के नाम यूपी में कट गए हैं।
42 लाख से ज्यादा पुरुष मतदाता बढ़े
सूबे में सात करोड़ 30 लाख से ज्यादा पुरुष वोटर हैं। पहले की तुलना में 42 लाख से ज्यादा पुरुष मतदाता बढ़े हैं। महिला मतदाताओं की संख्या में भी 42 लाख की बढ़ोतरी हुई है।
प्रयागराज, लखनऊ व जौनपुर में मतदाता बढ़े
प्रदेश में प्रयागराज, लखनऊ व जौनपुर में मतदाता बढ़े हैं। बरेली, गाजियाबाद में भी वोटर की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। प्रयागराज में तीन लाख 29 हजार 421, लखनऊ में दो लाख 85 हजार 961, बरेली में दो लाख 57 हजार 920, गाजियाबाद में दो लाख 43 हजार 666 और जौनपुर में दो लाख 37 हजार 590 मतदाता बढ़े हैं।
फॉर्म-6 भरकर जुड़वा सकते हैं अपना नाम
मतदाता सूची कई मायनों में अहम मानी जा रही है, क्योंकि व्यापक स्तर पर सत्यापन, आपत्तियों के निस्तारण और नए पंजीकरण की प्रक्रिया के बाद इसको तैयार किया गया। 2024 की मतदाता सूची की तुलना में बड़ी संख्या में नाम कटने के पीछे मृतक, स्थानांतरित, डुप्लीकेट और अप्रमाणित मतदाताओं को हटाया जाना प्रमुख कारण है। प्रदेश में अभी भी मतदाता बनने के लिए फॉर्म 6 भरकर नाम जोड़ा सकते हैं।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े
- विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 की घोषणा 27 अक्टूबर 2025 को की गई।
- इसके बाद गणना चरण चार नवंबर 2025 से 26 दिसंबर 2025 तक चली।
- मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन छह जनवरी 2026 को हुआ।
- दावा एवं आपत्ति अवधि छह जनवरी से छह मार्च 2026 तक रही।
- नोटिस चरण (सुनवाई, सत्यापन) एवं दावे और आपत्तियों का निस्तारण छह जनवरी से 27 मार्च 2026 तक किया गया।
- मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन दस अप्रैल 2026 को हुआ।
- छह जनवरी, 2026 को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में कुल मतदाता 12,55,56,025 हैं।
- पुरुष मतदाताओं की संख्या 6,88,43,159 (54.83%) है।
- महिला मतदाताओं की संख्या 5,67,08,747 (45.17%) है।
- तृतीय लिंग मतदाताओं की संख्या 4,119 (0.01% से कम) है।
- 18-19 आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या 3,33,981(0.27%) है।
