चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी की ओर से राज्य सभा में राघव चड्ढा को उपनेता के पद से हटाए जाने को आम आदमी पार्टी ने सामान्य कार्रवाई बताया है। आप ने राघव चड्ढा के बयान पर पलटवार करते हुए उनसे पूछा है कि वह देश व पार्टी से जुड़े मुद्दों पर भाजपा या मोदी सरकार के खिलाफ बोलने से क्यों डर रहे हैं?
पार्टी का कहना है कि केजरीवाल ने सबको यही सिखाया है कि जो डर गया, समझो मर गया। हम सरकार की आखों में आंखें डालकर सवाल करना जानते हैं लेकिन राघव चड्ढा भाजपा और मोदी सरकार से सवाल करने से डर रहे हैं। ऐसे डर की राजनीति कैसे चलेगी?
राघव चड्ढा ने पार्टी पर लगाए आरोप
उधर राघव चड्ढा ने शुक्रवार की सुबह अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो जारी करके कहा कि जिन लोगों ने मेरी आवाज को दबाया है, उनसे कहना चाहता हूं कि मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना। मैं वो दरिया जो वक्त आने पर सैलाब बन जाता है।
इससे पहले राघव चड्ढा ने वीडियो जारी कर कहा था कि मैं ऐसे मुद्दे उठाता हूं जिसे आम तौर पर संसद में नहीं उठाया जाता लेकिन क्या जनता के मुद्दे उठाना कोई अपराध है? मैं तो जब भी बात करता हूं आम आदमी की बात करता हूं। जोमेटो, ब्लिंकिट के डिलिवरी की बात रखी, टोल का मुद्दा उठाया, बैंक चार्जेंस, टेलीकाम कंपनियां कैसे बार-बार रीचार्ज के नाम पर पैसे ले रही हैं, इनका मुद्दा उठाया। ये तमाम मुद्दे उठाने से आम आदमी पार्टी का कैसे नुकसान हुआ? इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जब मैं ये मुद्दे उठाता हूं तो आप लोग मुझे आशीर्वाद व प्यार देते हैं। ऐसे ही मेरा हाथ थामे रखिएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान का पलटवार
राघव चड्ढा के इस वीडियो पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि कई बार लोकसभा और राज्यसभा में सभी विपक्षी पार्टियों को एकमत में फैसला लेना होता है। अगर कोई व्यक्ति इन सामूहिक फैसलों का समर्थन नहीं करता है और पार्टी के व्हिप के खिलाफ जाएगा, तो उस पर कार्रवाई होती ही है। लाखों लोगों के वोट काटे जा रहे हैं, गुजरात में हमारे 160 नेताओं पर केस दर्ज किए गए हैं, पंजाब में धर्म और जाति की लड़ाई करवाई जा रही है।
