शिमला। हिमाचल में निजी स्कूलों की मनमाने तरीके से फीस बढ़ोतरी पर नकेल कसने के लिए राज्य सरकार नियमों में संशोधन करेगी। विधायक राम कुमार के प्रश्न के उत्तर में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने विधानसभा में यह जानकारी दी।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश, दिल्ली, तमिलनाडू, कर्नाटक, हरियाणा सहित कई अन्य राज्यों में इस तरह के संशोधन किए जा चुके हैं। राज्य सरकार भी इसी तर्ज पर बदलाव करेगी ताकी निजी स्कूलों ज्यादा फीस न वसूल सकें। शिक्षा मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश रेगुलेशन एक्ट-1997 के तहत राज्य में निजी क्षेत्रों में चल रहे निजी स्कूलों पर निगरानी की जाती है। उन्होंने कहा कि फीस तय करने का प्रविधान इस में नहीं है।
न ही निजी स्कूलों की फीस सरकार तय करती है। उन्हेांने कहा कि यदि विधायक के पास ऐसे कोई मामले हैं तो उसकी सूचना दें, सरकार इस पर कार्रवाई करेगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले विद्यार्थियों के लिए 25 प्रतिशत सीटों पर दाखिला देना अनिवार्य है। बावजूद इसके भी दाखिले बहुत कम हुए थे।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने इसको लेकर भी विशेष अभियान चलाया और लोगों को जानकारी दी। शिक्षा विभाग के प्रचार प्रसार के बाद 650 लोगों के ही दाखिले पहले थे उनका आकंड़ा दोगुना पहुंच गया।उन्होंने कहा कि अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है।
विधायक रामकुमार चौधरी ने कहा कि इस नियम का प्रचार प्रसार ज्यादा किया जाए। प्रदेश में जो बड़े नामी स्कूल हैं उनके बाहर भी बोर्ड लगाए जाएं ताकी लोगों को पता चलें कि गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों के बच्चों को इनमें दाखिला मिल सकें। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार इस दिशा में कार्य कर रही है।
