यूपी में फर्जी आईएएस बनकर कैंट क्षेत्र की एक युवती से शादी रचाने के आरोपी प्रीतम निषाद को पुलिस ने मंगलवार को जालौन से गिरफ्तार कर लिया। युवती के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीम उसकी तलाश में जुटी थी। आरोपी की लोकेशन बुंदेलखंड के जालौन में मिली, जिसके बाद टीम ने कालपी रेलवे स्टेशन के पास से उसे दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह हाईस्कूल पास है और फर्जी आईएएस बनकर कई शादियां कर चुका है। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेजवा दिया।
एसपी सिटी निमिष पटेल ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि आरोपी खुद को मणिपुर कैडर का आईएएस अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेता था। उसके पास से मोबाइल फोन, टैबलेट और आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। अब तक की जांच में उसकी दो शादियों की पुष्टि हुई है, जबकि अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने जीजा भानु निषाद के इटावा स्थित घर को ही अपना बताकर मोहद्दीपुर की युवती से शादी की थी। गत 11 मार्च को शादी हुई, लेकिन दूसरे ही दिन जब वह पत्नी को लेकर इटावा पहुंचा, तब लड़की पक्ष के लोग भी वहां पहुंच गए। सच्चाई सामने आने पर हंगामा हुआ और मारपीट के बाद परिजन बेटी को वापस ले आए।
औरैया में हुई थी पहली शादी
परिजनों के अनुसार, प्रीतम की पहली शादी औरैया जिले के दौलतपुर गांव में हुई थी, जिसका अभी तक तलाक भी नहीं हुआ है। वह कुछ समय इटावा में रहा और खुद को नौकरीपेशा बताता रहा, लेकिन बाद में फर्जी आईएएस बताकर गोरखपुर में दूसरी शादी कर ली। चचेरी बहन रश्मि ने बताया कि शादी में ऐसा कुछ संदिग्ध नहीं लगा। लड़की पक्ष शादी से पहले घर भी देखकर गया था। बाद में सच्चाई सामने आने पर विवाद हुआ।
हाईस्कूल के बाद छोड़ दी थी पढ़ाई
कैंट पुलिस ने युवती के पिता की तहरीर पर केस दर्ज कर आरोपी की तलाश में इटावा पहुंची थी। इसी दौरान उसकी लोकेशन बुंदेलखंड के जालौन में मिली। इसके आधार पर टीम वहां पहुंची और कालपी रेलवे स्टेशन के पास से प्रीतम को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी प्रीतम निषाद उर्फ अर्जुन सिंह मूलरूप से अन्दावा की मड़ईया मलहान, थाना बकेवर, जिला इटावा कर रहने वाला है। उसके जीजा भानु निषाद से पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया कि प्रीतम न तो आईएएस है और न ही उसने कभी इसकी तैयारी की। हाईस्कूल के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। फर्जी पहचान बताकर लोगों पर रौब जमाता था।
शेरवानी में आया था बारात, नेता भी हुए थे शामिल
लड़की के पिता का कहना है कि शादी में 20 से 30 बाराती आए थे। इटावा से प्रीतम के साथ दो अर्टिगा कार से 10 बाराती आए थे। इसमें उसकी दीदी और जीजा के साथ पिता और बच्चे शामिल थे। प्रीतम ने निषाद समाज के कैबिनेट मंत्री, सासंद और बड़े नेताओं को भी शादी का कार्ड दिया था। शहर के कई दिग्गज नेता आए थे। उन्होंने बताया कि उनके पास लड़के पक्ष की तरफ से कार्ड आया था, जबकि उन्हें लड़के के बारे में बहुत जानकारी नहीं थी। लेकिन, निषाद समाज के आईएएस को देखने वे शादी में आए थे। शहर के नेताओं ने प्रीतम से मुलाकात की थी। उन्हें भी उसपर शक हुआ था। शादी अटेंड करने के बाद उन्होंने भी लड़की के परिवार से शंका जाहिर की थी। वहीं प्रीतम ने दूल्हा बनने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी थी। शाम के समय शादी कार्यक्रम में वह शेरवानी पहनकर आया था। इसके बाद रात को सात फेरे लेने से पहले भी कपड़े बदले थे।
एसपी सिटी निमिष पटेल ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेजवा दिया गया है। परिवार के अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
