शिमला। प्रदेश सरकार ने राज्य की कानून व्यवस्था को आधुनिक बनाने, युवाओं को रोजगार देने और नशे के विरुद्ध जारी जंग को निर्णायक मोड़ देने के लिए कई बड़े नीतिगत निर्णयों की घोषणा की है। सरकार ने राज्य की बढ़ती सुरक्षा जरूरतों और चिट्टा तस्करी को रोकने के लिए पुलिस विभाग में 1000 अतिरिक्त कॉन्स्टेबलों की भर्ती करने का निर्णय लिया है।
ये पद पूर्व में घोषित 800 पदों के अतिरिक्त होंगे। इसके साथ ही जांच प्रणाली में महिला अधिकारियों की कमी दूर करने के लिए 50 महिला सब इंस्पेक्टर की सीधी भर्ती की जाएगी। वर्तमान में महिला अधिकारियों की संख्या 88 है, जिसे बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
हमीरपुर स्थानांतरित होगा कम्युनिकेशन एंड टेक्निकल सर्विसेज मुख्यालय
शिमला शहर में भीड़भाड़ कम करने के लिए सरकार ने कम्युनिकेशन एंड टेक्निकल सर्विसेज मुख्यालय को शिमला से हमीरपुर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। पुलिस में शामिल होने वाले पूर्व सैनिकों को मानद हेड कॉन्स्टेबल और मानद एएसआई बनने के लिए पात्रता अवधि में छूट दी जाएगी।
2017 से लंबित बी-वन टेस्ट को आयोजित कर कॉन्स्टेबलों की पदोन्नति का रास्ता साफ किया जाएगा। चंबा और लाहुल में तैनात 518 विशेष पुलिस अधिकारियों को अब नूरपुर, स्पीति और किन्नौर जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी तैनात किया जाएगा।
101 व 108 के साथ एकीकृत होगी 112 हेल्पलाइन
आपातकालीन सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए 112 हेल्पलाइन को अब 108 (एंबुलेंस) और 101 (अग्निशमन) के साथ पूरी तरह एकीकृत किया जाएगा। शिमला शहर के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम को पुलिस के साथ जोड़ा जाएगा ताकि यातायात प्रबंधन और अपराध नियंत्रण में आधुनिक तकनीक का उपयोग हो सके।
112 नंबर पर दें नशा तस्करी की सूचना
नशे के सौदागरों पर नकेल कसने के लिए सरकार एंटी चिट्टा अभियान को और प्रभावी बनाएगी। अब एकीकृत आपातकालीन नंबर 112 पर नशा तस्करी की सूचना दी जा सकेगी। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस अधिनियम की धारा 114 के दायरे को नगर निगम क्षेत्रों से बाहर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक विस्तारित किया जाएगा ताकि नशे के विरुद्ध कार्रवाई को सर्वव्यापी बनाया जा सके।
साइबर मित्र योजना शुरू होगी
डिजिटल अपराध के बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकार ने शिक्षा विभाग के माध्यम से स्कूलों में साइबर सुरक्षा और साइबर हाइजीन का माड्यूल लागू करने का फैसला किया है। इससे विद्यार्थी इंटरनेट और इंटरनेट मीडिया के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक होंगे। पुलिस की सहायता के लिए साइबर मित्र योजना शुरू की जाएगी जिसमें तकनीकी रूप से दक्ष युवा और नागरिक पुलिस की गैर पुलिसिंग कार्यों में मदद करेंगे।
