शिमला। हिमाचल प्रदेश पंचायती राज विभाग ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (चुनाव) संशोधन नियम, 2026 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। इन प्रस्तावित नियमों के अनुसार यदि किसी पंचायत सीट या पद को लगातार दो कार्यकाल तक किसी आरक्षित वर्ग के लिए रखा गया है, तो अगले चुनाव में उसे अनारक्षित (सामान्य) माना जाएगा।
प्रदेश मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद शुक्रवार 13 मार्च को पंचायती राज विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह संशोधन हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (चुनाव) नियम, 1994 में किया जा रहा है। इन प्रस्तावित नियमों पर सार्वजनिक आपत्तियां और सुझाव प्रकाशन के पांच दिनों के भीतर भेजे जा सकते हैं।
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी व्यक्ति या संस्था को इन नियमों पर आपत्ति या सुझाव देना है तो वह लिखित रूप में निदेशक पंचायती राज, हिमाचल प्रदेश, एसडीए कांप्लेक्स कुसुम्पटी, शिमला को भेज सकते हैं। यह संशोधन पंचायतों में आरक्षण के रोटेशन को अधिक संतुलित और न्यायसंगत बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है ताकि एक ही पद लंबे समय तक आरक्षित न रहे और अन्य वर्गों को भी प्रतिनिधित्व का अवसर मिल सके।
इन पदों पर लागू होगा नया प्रविधान
ड्राफ्ट नियमों में पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत प्रधान, पंचायत समिति अध्यक्ष और जिला परिषद अध्यक्ष के पदों के लिए आरक्षण व्यवस्था से जुड़े नियमों में संशोधन प्रस्तावित किया गया है। यदि इन पदों में से कोई पद लगातार दो चुनावों तक किसी आरक्षित वर्ग के लिए रहा है, तो इन चुनाव में उसे अनारक्षित घोषित किया जाएगा।
आरक्षण प्रतिशत प्रभावित होने पर नहीं लागू होगा नियम
इस संशोधन में एक महत्वपूर्ण प्रविधान भी जोड़ा है। इसके तहत यदि किसी पद को अनारक्षित करने से किसी आरक्षित वर्ग का निर्धारित आरक्षण प्रतिशत पूरा नहीं हो पाता, तो उ स्थिति में यह नियम लागू नहीं होगा और उस पद को फिर से आरक्षित रखा जा सकेगा।
