रुद्रपुर। सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय, ऊधमसिंहनगर की ओर से शहर के एक निजी होटल में सड़क दुर्घटनाओं का वैज्ञानिक विश्लेषण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने दीप प्रज्वलित कर किया।
डॉ. गुरूदेव सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) ने मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों, संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव कुमार मेहरा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति का स्वागत किया।
जिलाधिकारी भदौरिया ने कहा कि एआई तकनीक का उपयोग कर सड़क दुर्घटनाओं का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा सकता है, जिससे दुर्घटनाओं की रोकथाम और नियंत्रण में मदद मिलती है। उन्होंने प्रतिभागियों से अधिक से अधिक प्रश्न पूछकर प्रशिक्षण से अधिकतम लाभ लेने का आग्रह किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने कहा कि सभी थाना इंचार्ज दुर्घटनाओं के कारणों को समझें और दैनिक कार्यों में उनका प्रयोग कर सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करें।
संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव कुमार मेहरा ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य संवेदनशील ऊधमसिंहनगर जनपद में दुर्घटनाओं को न्यूनतम करना है।
कार्यक्रम में जे.पी. रिसर्च इंडिया लिमिटेड के विशेषज्ञ सुमित ढुल ने प्रथम व्याख्यान में साइंटिफिक क्रैश इन्वेस्टिगेशन ऑफ एक्सीडेंट पर विस्तृत जानकारी दी।
सहायक निदेशक सड़क सुरक्षा, परिवहन विभाग नरेश संगल ने द्वितीय व्याख्यान में रोड़ सेफ्टी और उत्तराखंड में सड़क दुर्घटनाओं का अवलोकन प्रस्तुत किया।
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य राज्य में घटित होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का वैज्ञानिक और तथ्यात्मक विश्लेषण करना है, ताकि भविष्य में उनकी पुनरावृत्ति रोकी जा सके और घायलों एवं मृतकों की संख्या में कमी लाई जा सके।
प्रतिभागियों को दुर्घटना विश्लेषण की आधुनिक तकनीकों, डिजिटल उपकरणों और त्वरित रिपोर्टिंग प्रणाली के प्रयोग के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रक्रिया से दुर्घटना के मूल कारणों की पहचान कर ठोस सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सकेगी।
कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी, संयुक्त परिवहन आयुक्त और संभागीय परिवहन अधिकारी की ओर से सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में संभागीय परिवहन अधिकारी अरविंद कुमार पांडेय, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी विपिन कुमार सिंह, सुरेंद्र कुमार, मनोज बागोरिया, मोहित कोठारी, नवीन सिंह, पूजा नयाल, संदीप वर्मा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमा शंकर नेगी के साथ ही लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय मार्ग खंड, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, विद्युत विभाग, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, वन विभाग, पूर्ति विभाग, शिक्षा विभाग और नगर निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।
