लखनऊ, 8 मार्च। बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उनकी माता और गोमांस से जुड़ी आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर प्रदेशभर में आक्रोश का माहौल है। कई जिलों में सामाजिक संगठनों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। लखनऊ में इस मामले को लेकर पुलिस में तहरीर दी गई है, वहीं बलरामपुर, बस्ती, सीतापुर और कानपुर सहित कई जिलों में प्रदर्शन, नारेबाजी और पुतला दहन की घटनाएं सामने आई हैं। सांसद रवि किशन समेत कई जनप्रतिनिधियों ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे अस्वीकार्य बताया है। इसके साथ ही, प्रदेश में कई संगठनों ने मांग की है कि अगर जल्द ही मौलाना की गिरफ्तारी न हुई तो लखनऊ में 11 मार्च को इस विषय को लेकर विराट प्रदर्शन किया जाएगा।
लखनऊ में दर्ज कराई गई तहरीर
राजधानी लखनऊ में इस प्रकरण के अंतर्गत हजरतगंज कोतवाली में रविवार को तहरीर दी गई है। हिन्दू संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष चंद्र शेखर पांडेय ने तहरीर में आरोप लगाया कि मौलाना अब्दुल्ला सलीम द्वारा दिए गए बयान से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और इससे प्रदेश की शांति-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से मामले की जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
सांसद रवि किशन ने एक्स पर जताई प्रतिक्रिया
सांसद रवि किशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मौलाना के विवादास्पद बयान को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि भारतीय संस्कृति में मां सर्वोच्च सम्मान की प्रतीक होती है और किसी भी मां के प्रति अभद्र टिप्पणी निंदनीय है। उन्होंने कहा कि ऐसी सोच समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकती और लोगों को जिम्मेदार भाषा का प्रयोग करना चाहिए।
बलरामपुर में विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन
बलरामपुर में भी इस बयान के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने प्रदर्शन किया। वीर विनय चौराहे पर कार्यकर्ताओं ने मौलाना का पुतला दहन किया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। इस विरोध प्रदर्शन में बलरामपुर सदर विधायक पल्टूराम, तुलसीपुर विधायक कैलाशनाथ शुक्ला, उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा, पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह ‘शैलू’ तथा भाजपा जिला अध्यक्ष रवि कुमार मिश्रा समेत कई जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने कहा कि किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति या उनके परिवार के बारे में अमर्यादित टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती।
कानपुर में गौ रक्षा सेवा समिति का प्रदर्शन
कानपुर के नौबस्ता आवास विकास क्षेत्र में गौ रक्षा सेवा समिति के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर मौलाना की गिरफ्तारी की मांग की। समिति के अध्यक्ष अमन अग्निहोत्री के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन कर प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस प्रकार की आपत्तिजनक टिप्पणियां समाज में तनाव पैदा कर सकती हैं, इसलिए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
बस्ती में हिंदू युवा वाहिनी का विरोध
बस्ती में भी इस बयान को लेकर माहौल गर्म रहा। हिंदू युवा वाहिनी के सैकड़ों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और प्रदर्शन करते हुए मौलाना का पुतला दहन किया। संगठन के उपाध्यक्ष विनय सिंह ने कहा कि इस तरह की भाषा समाज में कट्टरता और तनाव को बढ़ावा देती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार की टिप्पणी करने की हिम्मत न कर सके।
सीतापुर में हिंदू सेवा सुरक्षा ट्रस्ट का प्रदर्शन
सीतापुर के लालबाग चौराहे पर हिंदू सेवा सुरक्षा ट्रस्ट के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया। ट्रस्ट के नेता अनूप खेतान के नेतृत्व में लोगों ने नारेबाजी करते हुए मौलाना के बयान की निंदा की और गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
धार्मिक नेताओं ने भी जताई नाराजगी
इस प्रकरण को लेकर कई धार्मिक और सामाजिक नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी है। उत्तर प्रदेश के शाही चीफ मुफ्ती चौधरी इफराहीम हुसैन ने भी बयान की आलोचना करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपमानजनक भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए और ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रशासन की नजर हालात पर
विभिन्न जिलों में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों की जांच की जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
