देहरादून। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर राजभवन देहरादून स्थित लोक भवन में आयोजित महिला कल्याण उत्कृष्ट सेवा सम्मान एवं ‘मेरी पहचान–2026’ कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों, अधिकारियों और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में राज्यपाल गुरमीत सिंह और महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने संयुक्त रूप से सम्मान प्रदान किए।
इस अवसर पर राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं ने पिछले एक दशक में उल्लेखनीय प्रगति की है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा वात्सल्य योजना लागू की गई है, जिसके तहत अनाथ किशोर-किशोरियों को सरकारी नौकरियों में 5 प्रतिशत तथा महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।
मंत्री आर्या ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण की वास्तविक शुरुआत घर से होती है। जब परिवार में महिलाओं को सम्मान और समान अधिकार मिलेंगे, तभी समाज में वास्तविक परिवर्तन संभव होगा। उन्होंने कहा कि वह दिन वास्तविक महिला सशक्तिकरण का होगा, जब महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए अलग से आवाज उठाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और महिला दिवस जैसे औपचारिक आयोजनों की जरूरत भी स्वतः समाप्त हो जाएगी।
कार्यक्रम में राज्य की प्रथम महिला गुरमीत कौर, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कांडवाल बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा डाक्टर गीता खन्ना , विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, राज्यपाल के सचिव रविनाथ रमन तथा निदेशक बंशीलाल राणा सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
