पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब की सियासत का असली मिजाज गांवों की सत्थों (चौपालों) में बनता है। उन्होंने कहा कि पिंडों की सत्थों, चौपालों, गुरुद्वारों के प्रांगण और चाय की दुकानों पर होने वाली चर्चाएं ही आगे चलकर सियासी लहरों का रूप ले लेती हैं और वही माहौल तय करता है कि सत्ता किसके हाथ में जाएगी।
भुल्लरहेडी में लोगों को संबोधित करते मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का ग्रामीण समाज राजनीतिक रूप से बेहद जागरूक है। यहां लोग खुलकर अपनी राय रखते हैं और हर मुद्दे पर खुली बहस होती है। गांवों में बनने वाला यही जनमत आगे चलकर चुनावी नतीजों की दिशा तय करता है। लोकतंत्र में आम लोगों की आवाज सबसे बड़ी ताकत होती है और गांवों के सार्वजनिक स्थान उस आवाज को आकार देने वाले सबसे प्रभावशाली मंच हैं। यही वजह है कि पंजाब की राजनीति में सत्थों का विशेष महत्व रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्थें ही सरकारें बनाती हैं और सत्थें ही सरकारें गिराती भी हैं। इसलिए नेताओं के लिए जरूरी है कि वे जनता के बीच रहें, उनकी समस्याओं को समझें और उनके विश्वास पर खरा उतरें।
उन्होंने कहा कि गांवों की सत्थों की अपनी एक अलग ताकत होती है यहां किसी की तारीफ शुरू हो जाए तो वह बात देखते ही देखते आसमान तक पहुंच जाती है और अगर आलोचना शुरू हो जाए तो वही बात पल भर में जमीन तक आ गिरती है। यही कारण है कि सत्थों में बनने वाला जनमत बेहद तेज और प्रभावशाली माना जाता है, जो पंजाब की सियासत की दिशा बदलने की ताकत रखता है।
सियासी हलकों में इस बयान को मौजूदा किसान आंदोलन के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री का यह संदेश किसानों के बीच बढ़ रहे आक्रोश को शांत करने की कोशिश है। खासकर मालवा क्षेत्र में किसानों की नाराजगी लगातार तेज होती दिखाई दे रही है।
मालवा के कई जिलों में किसान संगठनों के बीच लगातार बैठकों का दौर चल रहा है और सरकार के खिलाफ रणनीति बनाई जा रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को बठिंडा में किसान संगठनों की ओर से बड़े प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह बयान राजनीतिक तौर पर काफी अहम माना जा रहा है, जिसे किसानों के मूड को साधने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।
जब तक आप सरकार, मुफ्त बिजली जारी रहेगी
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार का आगामी बजट कई नई जन-हितैषी पहल शुरू करेगा, जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास में तेजी लाना और लोगों के लिए कल्याणकारी उपायों को मजबूत करना है। संगरूर जिले में ‘लोक मिलनी’ के दौरान सभा को संबोधित करते हुए और बाद में मीडिया से बात करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने पिछले चार वर्षों में सार्वजनिक धन का जिम्मेदारी से उपयोग किया है। उन्होंने 90% से अधिक परिवारों को मुफ्त बिजली पहुंचाई है, 881 आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए हैं और बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं।
सुखबीर बादल पर साधा निशाना
शिरोमणि अकाली दल नेता सुखबीर सिंह बादल पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेतृत्व पंजाब की वास्तविकताओं से कट चुका है और उन्हें सत्ता में लौटने के दिवास्वप्न देखना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने टिप्पणी की कि जहां पंजाब के युवाओं को रोजगार के अवसरों की जरूरत है, वहीं सुखबीर सिंह बादल गांवों में ताश टूर्नामेंट आयोजित करने की बात कर रहे हैं।
कई जन-हितैषी पहल शुरू करेगा बजट
भगवंत मान ने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक दलों ने पंजाब पर कर्ज का बोझ डाला और अपने हितों के लिए काम किया, जबकि पंजाब सरकार सरकारी खजाने के एक-एक रुपये का उपयोग जनता के कल्याण के लिए कर रही है। उन्होंने केंद्र सरकार पर पंजाब का वाजिब हक रोकने और ध्रुवीकरण की राजनीति के जरिए लोगों को बांटने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। पंजाब सरकार का आगामी बजट कई जन-हितैषी पहल शुरू करेगा। पंजाब सरकार ने पिछले चार वर्षों में पंजाब के सर्वांगीण विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए करदाताओं के पैसे का विवेकपूर्ण उपयोग किया है। पहली बार इतिहास में रविवार को बजट पेश किया जाएगा, जो राज्य के आर्थिक विकास को और गति देगा।”
