चंडीगढ़। अक्सर विवादों में रहने वाले मिल्कफेड के चेयरमैन नरेंद्र शेरगिल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सहकारिता विभाग के सचिव अजीत बाला जी जोशी की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है।
हालांकि, यह पता नहीं चल पाया है कि क्या यह इस्तीफा पार्टी ने उनसे लिया है या उन्होंने अपनी नई राजनीतिक राह तलाशने के लिए यह इस्तीफा दिया है। शेरगिल जो वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा के करीबी माने जाते हैं के इस तरह से इस्तीफा देने को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। इस्तीफा देने के बाद नरेंद्र शेरिगल ने अपना फोन भी बंद कर लिया जिस कारण उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।
शेरगिल , जो खरड़ विधानसभा हलके से 2022 के चुनाव के दौरान प्रबल उम्मीदवार थे की जगह पार्टी ने अनमोल गगन मान को उतार दिया था जिस कारण वह काफी नाराज हुए लेकिन उन्हें मिल्कफेड जैसे बड़े संस्थान की चेयरमैनशिप देकर पार्टी ने उन्हें मना लिया। लेकिन पार्टी उनके कामकाज से खुश नहीं थी।
पिछले कुछ समय से जिन जिन बोर्ड और कार्पोरेशन के चेयरमैन या वाइस चेयरमैन के पदों पर पार्टी के नेता लगे हुए हैं उनमें से अधिकांश को उनके कार्यकाल में वृद्धि नहीं दी गई है जबकि अपने अपने कार्यकाल में वृदि्ध के लिए कई नेता हाथ पांव मार रहे हैं।
हालांकि, इनमें से कई ऐसे भी हैँ जिन्हें पार्टी ने विधानसभा हलकों का प्रभारी भी बना दिया है ताकि वहां के विधायक की जगह इन्हें रिप्लेस किया जा सके। पार्टी इन पदों पर अपने अन्य कार्यकर्ताओं को एडजस्ट कर रही है। सहकारिता विभाग के ही एक अन्य संस्थान मार्कफैड में लगे चेयरमैन अमनदीप सिंह मोही का कार्यकाल खत्म् होने के बाद उन्हें भी एक्सटेंशन नहीं दी गई और उनके स्थान पर इन्द्रजीत सिंह मान को इस पद पर नियुक्त कर दिया गया।
पार्टी के प्रवक्ता और मध्यम इंडस्ट्री बोर्ड के चेयरमैन नील गर्ग का कार्यकाल भी 12 मार्च को खत्म हो रहा है और अभी तक उनको एक्सटेंशन देने के बारे में कोई चर्चा नहीं है। ट्यूबवेल कार्पोरेशन से रंजीत सिंह चीमा को हटा दिया गया है।
पंजाब रोडवेज ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन हरजोत हडाना को हटाकर हरपाल जुनेजा को लगा दिया है। हरजोत हडाना को सन्नौर हलके का प्रभारी बना दिया है जहां से पार्टी के विधायक हरमीत सिंह पठाणमाजरा पर केस दर्ज किया हुआ है और वह लंबे समय से गायब हैं।
