चंडीगढ़। हरियाणा के नए बजट में नायब सरकार का संकल्प से सिद्धि का रोडमैप दिखाई देगा। अंत्योदय से आत्मनिर्भरता की थीम पर आधारित बजट में गरीब कल्याण, युवाओं को रोजगार, किसानों की खुशहाली और औद्योगिक विकास के लिए कई योजनाएं शुरू होंगी।
इसके अलावा स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, आवास और पर्यावरण संरक्षण में नई पहल के साथ ही जरूरतमंदों को सामाजिक योजनाओं का संबल मिलेगा। नारी सशक्तीकरण की दिशा में अहम साबित हो रही लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ अधिकतम महिलाओं तक पहुंचाने के लिए नियमों में सरलीकरण की व्यवस्था भी बजट में होगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्री-बजट बैठकों में खुद इसके संकेत दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों के साथ 13 बजट बैठकें की हैं, जिनमें 2199 सुझाव मिले हैं। इसके अलावा पहली बार एआई चैट बाट के माध्यम से करीब 12 हजार 400 सुझाव सरकार को मिले हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस बार आमजन से मिले चार से पांच हजार सुझावों को बजट में शामिल करने की योजना है।
पिछले बजट में भी आमजन और विभिन्न वर्गों के सुझावों को पूरी जगह दी गई थी। तब मुख्यमंत्री को 11 बैठकों में कुल 1592 सुझाव मिले थे, जिनमें से 706 सुझाव बजट में शामिल किए गए। उन सुझावों के आधार पर 248 घोषणाए की गईं, जिनमें 77 घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं। 165 घोषणाओं पर कार्य अंतिम चरण में है। सरकार का दावा है कि नया वित्तीय वर्ष शुरू होने तक अधिकतम घोषणाओं को पूरा कर दिया जाएगा।
नए बजट में शहरों में तेजी से बढ़ती आबादी को सस्ते आवास और अवैध कालोनियों पर अंकुश लगाने की भी व्यवस्था होगी। 69 शहरों में रिहायशी सेक्टरों के साथ ही वाणिज्यिक और संस्थागत सेक्टर विकसित किए जाएंगे। सरकार की योजना बगैर किसी नफे-नुकसान के लोगों को नए सेक्टर में आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की है, ताकि आमजन के लिए शहरों में घर बनाने का सपना साकार हो सके।
इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत शहर और गांवों में गरीबों को सस्ते आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
सवा दो लाख करोड़ तक पहुंच सकता बजट
हरियाणा के बजट में हर साल दस से बारह प्रतिशत की वृद्धि हो रही है। इस आधार पर हरियाणा का बजट सवा दो लाख करोड़ के पार हो सकता है। पिछले साल वर्ष 2025-26 के लिए कुल दो लाख पांच हजार 17 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया था।
12.67 प्रतिशत की दर से बढ़ रही जीडीपी
बीते 29 जनवरी को योजना विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, हरियाणा का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2025-26 के अग्रिम अनुमानित आंकड़ों के अनुसार 13 लाख 67 हजार 769 करोड़ रुपये रही है, जबकि साल 2024-25 में यह 12 लाख 13 हजार 951 करोड़ रुपये थी। इस तरह जीडीपी 12.67 प्रतिशत की दर से बढ़ी है। 2024-25 में प्रति व्यक्ति आय तीन लाख 58 हजार 171 रुपये रही, जोकि राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है।
मौजूदा बजट की 98 प्रतिशत राशि खर्च होगी
मुख्यमंत्री के मुताबिक, 31 मार्च तक पिछले बजट में जारी की गई राशि का 98 प्रतिशत राशि हिस्सा खर्च कर लिया जाएगा। वर्तमान में 11 विभाग 80 प्रतिशत राशि का इस्तेमाल कर चुके हैं, जबकि 21 विभागों ने 70 प्रतिशत से ज्यादा बजट का इस्तेमाल कर लिया है। मौजूदा वित्तीय वर्ष के अंत तक सरकारी विभाग करीब दो लाख करोड़ रुपये तक का बजट खर्च कर लेंगे।
