शिमला। हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट के लिए होने वाले चुनाव को लेकर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस सरकार के लिए यह चुनाव सियासी परीक्षा लेने को तैयार है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का रविवार को दिल्ली जाने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। सोमवार को वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर प्रत्याशी के नाम को लेकर मंथन करेंगे।
5 को होगा नामांकन
कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व ही प्रत्याशी के नाम पर अंतिम मुहर लगाएगा, लेकिन मुख्यमंत्री की सहमति भी जरूरी है। 5 मार्च को राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किए जाने हैं, 4 को होली है।
बुलाई जाएगी कांग्रेस विधायक दल की बैठक
मुख्यमंत्री के दिल्ली से लौटने के बाद कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें हाईकमान के प्रत्याशी को लेकर निर्णय से अवगत करवाया जाएगा। पार्टी हाईकमान हिमाचल के अलावा कई अन्य राज्यों के प्रत्याशियों के नामों का एलान करेगा।
कांग्रेस इस बार नहीं दोहराएगी गलती
सूत्रों की माने तो कांग्रेस नामांकन से ठीक पहले ही प्रत्याशी के नाम की घोषणा करेगी, ताकि विपक्षी दल को रणनीति बनाने का मौका न मिल सके। वर्ष 2024 में हुए चुनाव में कांग्रेस ने जो गलतियां दोहराई थी, वह इस बार नहीं दोहराएगी। राज्यसभा चुनाव के लिए 16 मार्च को मतदान होना है।
कई राज्यों में खाली हो रही है सीटें
राज्यसभा का चुनाव हिमाचल सहित कई राज्यों में हो रहा है। कांग्रेस पार्टी की प्रदेश मामलों की प्रभारी पाटिल महाराष्ट्र से राज्यसभा सदस्य हैं, जबकि डा. अभिषेक मनु सिंघवी तेलंगाना से राज्यसभा सदस्य हैं, इन दोनों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इन्हें पार्टी हाइकमान कहां से प्रत्याशी बनाता है इस को लेकर पार्टी के भीतर सबसे ज्यादा चर्चा है।
रजनी पाटिल की चर्चा
कांग्रेस प्रदेश मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल को हिमाचल से राज्यसभा भेजने की चर्चाएं कार्यकर्ताओं के बीच सबसे तेज है। वहीं डा. अभिषेक मनु सिंघवी का कार्यकाल भी नौ अप्रैल को समाप्त हो रहा है। डा. सिंघवी को कांग्रेस ने पिछली बार हिमाचल से चुनावी मैदान में उतारा था। सत्ता में होते हुए भी कांग्रेस यह चुनाव हार गई थी। जिसके बाद कांग्रेस हाइकमान ने उन्हें तेलंगाना से प्रत्याशी बनाकर राज्यसभा भेजा था।
