लखनऊ। मार्च में 3.72 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को ईंधन अधिभार शुल्क (फ्यूल सरचार्ज) में 2.42 प्रतिशत की कमी का लाभ मिलेगा। अधिभार कम होने से उपभोक्ताओं को लगभग 141 करोड़ रुपये बिजली बिल में कम देने पड़ेंगे। बीते दिसंबर में ईंधन अधिभार में 2.42 प्रतिशत की कमी का लाभ उपभोक्ताओं को अगले महीने आने वाले बिजली बिल में दिखेगा।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि फरवरी में ईंधन अधिभार शुल्क दस प्रतिशत वसूले जाने के खिलाफ परिषद द्वारा की गई आपत्ति पर नियामक आयोग जांच कर रहा है। बताया है कि वर्ष 2025-26 के लिए विद्युत नियामक आयोग ने औसत बिलिंग दर (एबीआर) 6.36 रुपये प्रति यूनिट तय किया है।
आयोग से टैरिफ आदेश विलंब से सितंबर में तय किया, जिसकी वजह से पावर कारपोरेशन ने वर्ष 2024-25 के एबीआर 6.14 रुपये प्रति यूनिट के आधार पर अधिभार शुल्क अप्रैल से नवंबर तक वसूला। आयोग द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए तय दर 6.36 रुपये प्रति यूनिट की दर से यदि अधिभार शुल्क तय किया जाए तो उपभोक्ताओं पर अधिभार शुल्क का भार कम आएगा। अप्रैल से नवंबर तक उपभोक्ताओं से वसूले गए अधिक धनराशि का मामला भी नियामक आयोग में प्रस्तुत किया जाएगा।
