ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर बच्चों के यौन शोषण का आरोप लगाने वाले आशुतोष पांडेय को लेकर नया मोड़ सामने आया। रमाकांत दीक्षित नाम के युवक ने दावा किया है कि उस पर शंकराचार्य के खिलाफ झूठा आरोप लगाने का दबाव बनाया गया था। युवक का कहना है कि उससे फोन पर आशुतोष पांडेय से बात कर आरोप लगाने के लिए कहा गया, लेकिन उसने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया।
शाहजहांपुर के रहने वाले रमाकांत दीक्षित ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर बच्चों के यौन शोषण का आरोप लगाने वाले आशुतोष पांडेय पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, ‘तीन लोग मेरे पास आए और मेरे फोन पर आशुतोष पांडे से बात कराई। उन्होंने हमसे कहा कि स्वामीजी को थोड़ा ठीक करने की ज़रूरत है। उन्होंने शंकराचार्य जी पर आरोप लगाने की बात कही। मैंने उनसे कहा कि आप मेरी बेटियों के बारे में ऐसी बातें कैसे कह सकते हैं… मैं शंकराचार्यजी से मिला हूं। मैंने शंकराचार्यजी पर कोई आरोप नहीं लगाया है।’
रमाकांत ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, ‘मेरे पास तीन लोग आए, उन्होंने आशुतोष पांडेय जी को फोन लगाया, उधर से आवाज आई कि मैं आशुतोष पांडेय बोल रहा हूं, नहीं पहचान पाए। तो फिर उन्होंने कहा आशुतोष पांडेय याद करिए तो हमने कहा दादा प्रणाम। हमें याद आया कि वही जो है, ब्राह्मण सभा वाला संगठन चलाते थे। उन्होंने कहा छोटा सा काम है तुमसे। तो हमने कहा क्या काम है? आशुतोष ने कहा कि ये विश्वसनीयता लोगों से ही कहा जा सकता है और मुझे लगा कि आप मना नहीं करेंगे। तो हमने कहा बताइए कैसा काम है? तो उन्होंने कहा एक स्वामी जी हैं, वो जरा परेशान करते रहते हैं, उनको सही करना है। मैं कहता हूं वो तुम्हारी बच्चियां हैं और उसे बुलवाना। हमने कहा, मेरी बच्ची बहुत छोटी है, आपको शोभा नहीं देता है। लेकिन नहीं अरे यार, तुमसे कह रहे हैं, हम तुम्हारी सुरक्षा की गारंटी ले रहे हैं। हम हर तरीके पैसे से लेकर से सारी चीजें हम आपको मजबूत करेंगे। हमने कहा, मेरे पास भैया, हमारे पास गाड़ी है, घर है, मकान है, सब कुछ है। हमने कहा, मुझे इस चीज की आवश्यकता नहीं है मैं ऐसा नहीं करूंगा।’
रमाकांत ने शंकराचार्य से की मुलाकात
रमाकांत दीक्षित ने कहा कि उसकी शंकराचार्य जी से मुलाकात का उद्देश्य केवल अपनी स्थिति स्पष्ट करना था। उसने कहा, ‘मैं यह बताना चाहता था कि मेरा न तो उनसे, न उनके मठ से और न ही शंकराचार्य जी से किसी प्रकार का कोई संबंध है। मैंने उन पर किसी तरह का कोई आरोप नहीं लगाया है और न ही भविष्य में ऐसा करूंगा।’
