शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार सोलन जिला के बद्दी के साथ लगते शीतलपुर में नया शहर बसाने जा रही है। हिम चंडीगढ़ के नाम से यह शहर बसेगा। जिला प्रशासन की ओर से इसके लिए हिमुडा को 3,428 बीघा भूमि अलॉट कर दी गई है। इसके अलावा कॉमन पूल की करीब पांच से छह हजार हजार बीघा भूमि भी चिह्नित की गई है।
वीरवार को राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक में इस पर विस्तृत चर्चा की गई। डीसी सोलन मनमोहन शर्मा ने बैठक में प्रेजेंटेशन दी।
उन्होंने बताया कि हिमुडा और राजस्व विभाग के तहसीलदार मिलकर कार्य करेंगे। एक माह के भीतर जमीन की कन्सॉलिडेशन कर एक चंक बना दिया जाएगा। हिमुडा बहुत जल्द ड्रोन सर्वे से मौसाबी को डिजिटलाइज करेगा।
बीबीएन में भीड़ कम करने पर चर्चा
बैठक में बीबीएन में भीड़भाड़ कम करने पर भी चर्चा हुई। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में चार अलग अलग उप समिति की बैठकें आयोजित हुई। बैठक में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिमुडा सुरेंद्र वशिष्ठ भी उपस्थित रहे। बैठक में अधिकारियों को तीस दिनों के भीतर इसके लिए औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
शिमला से एनएच के किनारे शिफ्ट होगी मंडियां
राजधानी शिमला में भीड़भाड़ कम करने के लिए राज्य सरकार ने नया प्लान बनाया गया है। शहर की भीड़ को कम करने के लिए सब्जी मंडी लोअर बाजार, अनाज मंडी, टिंबर मार्केट, लक्कड़ बाजार, मैकेनिकल मार्केट कच्ची घाटी और ट्रांसपोर्ट एरिया को अन्य जगह स्थानातंरित किया जाएगा। फोरलेन के किनारे इसके लिए जगह चयनित की गई है। डीसी शिमला अनुपम कश्यप ने बताया कि कि ढली फोरलेन पर पांच जगहों को चिन्हित किया गया है। जल्द ही प्रशासन की टीम जगह का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंप देगी। बैठक में शिमला शहर की चार पार्किंग जिसमें लिफ्ट, टूटीकंडी व संजोली के विवाद पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इसको लेकर मामला कोर्ट में भी चल रहा है। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस पर कानूनी राय भी ली जाएगी ताकी विवाद को समाप्त किया जा सकें।
शिमला शहर से भीड़ कम करने पर मंथन
शहर से भीड़-भाड़ कम करने के लिए पूर्व डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर ने भी अपने सुझाव रखे। उन्होंने शहर में यातायात सिस्टम सुदृढ करने, सैटेलाइट टाउन को शहर से दूर बनाने का सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि यह शहर बाद में सिटी के बराबर हो जाते हैं। इसलिए अभी इसे दूर बनाना चाहिए। बैठक में मुख्यमंत्री के इन्फ्रास्ट्रक्चर एडवायइर अनिल कपिल, नगर निगम शिमला आयुक्त भूपेंद्र अत्री और संयुक्त सचिव विधि विभाग विवेक ज्योति भी उपस्थित रहे।
जगत सिंह नेगी ने कहा कि अनाज मंडी के 12 बड़े आढ़तियों को शहर से बाहर स्थापित करने के निर्णय हुआ है। सब्जी मंडी के दुकानदारों को नए भवन में नई दुकानें दी जा रही है। करीब 200 दुकानदारों को दुकाने दी जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्र में निर्माण कार्य अब नियमों के तहत होगा
प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में भी निर्माण कार्य अब नियमों के तहत होगा। भवन निर्माण के लिए नक्शा बनाना होगा। पंचायतों को इसके लिए शक्तियां दी जाएगी। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठकमें इस पर चर्चा हुई। यह समिति की पहली बैठक थी।
बैठक में पंचायती राज विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों के विनियमन और विकासात्मक योजना को लेकर सुझाव दिए गए। जिसमें भवनों की ऊंचाई, नदी, नाला और खड्ड से भवन की दूरी, सेट बैक के लिए जगह छोड़ना, ग्रामीण क्षेत्र में लाइन डायाग्राम नक्शा जमा करवाना इत्यादि बिंदुओं पर विस्तार से सुझाव दिए गए। बैठक में सचिव अमरजीत सिंह, निदेशक पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास राघव शर्मा और अतिरिक्त निदेशक केवल शर्मा भी मौजूद रहे।
