पंजाब सरकार ने वन विभाग के 516 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवाएं नियमित कर दी हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार को कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। नियमित होने के बाद ये कर्मचारी 58 वर्ष की आयु तक सेवा देंगे। उन्हें सरकारी कर्मचारियों की तरह सभी सुविधाएं मिलेंगी और हर वर्ष पांच प्रतिशत वेतन वृद्धि भी मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर वन विभाग के 237 अधिकारियों और कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित पदोन्नतियां बहाल करने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि सरकार अब तक योग्यता के आधार पर 68,268 सरकारी नौकरियां दे चुकी है। यही वजह है कि सरकार की किसी भी नियुक्ति को अदालत में चुनौती नहीं मिली।
मान ने कहा कि उन्होंने कभी ऐसी किसी फाइल पर हस्ताक्षर नहीं किए जिससे कर्मचारियों का नुकसान हो। पिछली सरकारों ने कच्चे कर्मचारियों के हितों की अनदेखी की जबकि उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में 65 हजार से अधिक कच्चे कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से नियमित किया जा रहा है। अब कर्मचारियों और सरकार के बीच कोई ठेकेदार नहीं होगा और उन्हें सीधे रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नियमित किए गए कर्मचारियों को आयु सीमा और शैक्षणिक योग्यता में आवश्यक छूट दी गई है। इनमें कई कर्मचारी 10 से 25 वर्ष से सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने वन विभाग की आय बढ़ाने के लिए जर्जर वन विश्राम गृहों और वन रिसॉर्टों के कायाकल्प की भी घोषणा की। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क, वन विभाग के सचिव केके यादव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक धर्मेंद्र शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
