अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि लोग 15 दिनों का और इंतजार कर लें। इस मामले में अगर कोई अपराधी है, तो वह कोई भी हो बचेगा नहीं। सात जून को चढ़ावे में चोरी की बात उजागर होने और इसकी जांच के लिए 13 जून को विशेष जांच दल (एसआइटी) गठित होने के बाद मुख्यमंत्री रामनगरी पहुंचे थे।
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को आईना दिखाते हुए उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के अस्तित्व को नकारने वाले, रामभक्तों पर लाठी-गोली चलाने वाले इस समय उपदेश दे रहे हैं। अयोध्या को अपमानित करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं।सीएम ने कहा कि अयोध्या के बारे में समाचार पत्रों से जो जानकारी मिली, उसके बाद ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआइटी जांच बैठाई गई है। एसआइटी दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी, इसमें कोई संदेह नहीं है।
रामभक्तों को आहत करने वाली बयानबाजी ना करें -सीएम योगी
एसआइटी की रिपोर्ट आने तक ऐसी कोई बयानबाजी न हो, जो रामभक्तों की भावनाओं को आहत करती हो। यदि किसी के पास डाक्यूमेंट्री प्रूफ हो तो एसआइटी को उपलब्ध करा दें। सीएम ने रामभक्तों से अपील की कि प्रभु राम ने हमें मर्यादित रहने का आचरण दिया है, इसका पालन हो। हमारे पूर्वजों ने प्रभु के स्थान के लिए मर्यादित रहते हुए पांच सौ वर्षों तक संघर्ष किया है, हम पंद्रह दिनों तक धीरज धरें।
मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा, सपा प्रमुख ने अब तक राम मंदिर के दर्शन नहीं किए और अपने विधायकों को भी अयोध्या आने से रोका। प्रदेश सरकार के मंत्री मनोज पांडेय ने जब बतौर सपा विधायक प्रस्ताव रखा कि अयोध्या में सभी विधायकों को दर्शन करने जाना चाहिए, तो अखिलेश यादव ने मना कर दिया। भगवान राम का स्मरण करने पर सपा ने मनोज पांडेय को अपमानित कर बाहर कर दिया।
सीएम ने किया परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
अयोध्या से परहेज करने वाले ये लोग सिर्फ बदनाम करना जानते हैं। मुख्यमंत्री ने सदैव की तरह हनुमानगढ़ी में बजरंगबली का तथा जन्मभूमि पर विराजे रामलला का दर्शन-पूजन किया। उन्होंने मणिरामदास जी की छावनी परिसर में रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अध्यक्ष महांत नृत्यगेापालदास के 10 दिवसीय जन्मोत्सव का उद्घाटन तथा उसके पूर्व विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया।
वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा के अनावरण के साथ ही परिक्रमा मार्ग पर कांशीराम कालोनी के सामने बने वैक्स म्यूजियम का भी उन्होंने उद्घाटन किया। मोम के पुतलों का यह संग्रहालय रामायण के पात्रों पर आधारित है।जिलाधिकारी शंशांक त्रिपाठी के पत्र के अनुरूप रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय मुख्यमंत्री के स्वागत में नहीं दिखे।
राम मंदिर में ट्रस्ट की ओर से मुख्यमंत्री का स्वागत ट्रस्ट के सदस्य निर्मोही अखाड़ा के महांत दिनेंद्रदास ने किया। समझा जाता है कि रामलला की चढ़ावा चोरी के मामले की जांच के लिए गठित एसआइटी को ध्यान में रख कर ट्रस्ट महासचिव को मुख्यमंत्री से दूर रखा गया।
