नगरोटा बगवां: स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रदेश सरकार मैडीकल कालेजों में स्नातकोत्तर (पीजी) सीटों की संख्या बढ़ा रही है। प्रदेश के मैडीकल कालेजों में 330 नई पी.जी. सीटें बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जबकि इस निर्णय से टांडा मैडीकल कालेज में ही 100 पीजी सीटों की बढ़ौतरी होगी। सरकार के इस कदम से प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। यह बातें मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने कहीं। मुख्यमंत्री सोमवार को नगरोटा बगवां में आयोजित बाल मेले में बतौर मुख्यातिथि भाग लेने पहुंचे थे। सीएम ने कहा कि नगरोटा बगवां के विकास में दिवंगत जीएस बाली की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के मैडीकल कालेजों और अस्पतालों में वर्षों से लंबित आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की कमी को दूर किया जा रहा है। टांडा मैडीकल कालेेज सहित अन्य संस्थानों में अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की जा रही हैं, ताकि गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए लोगों को प्रदेश से बाहर या निजी अस्पतालों का रुख न करना पड़े। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में 3 टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जा रही हैैं। आईजीएमसी शिमला और एआईएमएसएस चमियाणा में यह सुविधा उपलब्ध करवा दी गई है। वहीं जिला एवं क्षेत्रीय अस्पतालों में 1.5 टेस्ला एमआरआई पीईटी स्कैन, सीटी स्कैन तथा आधुनिक कैंसर उपचार प्रणाली स्थापित की जा रही है, साथ ही 16 से 20 वर्ष पुराने चिकित्सा उपकरणों को भी बदला जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने कर्मचारियों से किया गया वायदा निभाते हुए पुरानी पैंशन योजना को लागू किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सरकार प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी रही और राहत कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी गई। कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद राज्य सरकार ने आपदा प्रभावित परिवारों को अपने संसाधनों से उदार राहत प्रदान की। उन्होंने कहा कि कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार का कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2032 तक हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर, समृद्ध और देश का अग्रणी राज्य बनाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करना है, ताकि प्रदेश का प्रत्येक नागरिक विकास का लाभ प्राप्त कर सके और आने वाले वर्षों में हिमाचल देश के सबसे समृद्ध एवं खुशहाल राज्यों में अपनी पहचान स्थापित करे। उसके उपरांत कांगड़ा एयरपोर्ट पर टैक्सी ऑप्रेटर्ज यूनियन के प्रतिनिधि भी मुख्यमंत्री से मिले। मुख्यमंत्री ने उन्हें हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए व्यापक सुधार कर रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष लगभग 24,000 विद्यार्थियों ने निजी स्कूल छोड़कर 150 सीबीएसई सिलेब्स के सरकारी स्कूलों में प्रवेश लिया है, जो सरकारी शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि आगामी 2 से 4 वर्षों में सरकारी स्कूलों का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा और अधिक से अधिक अभिभावक इन विद्यालयों में ही अपने बच्चों को प्रवेश दिलवाएंगे।
पूर्व सरकार में हुई गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच होगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार और सरकारी संपत्तियों के मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए सरकार आवश्यक कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि आगामी मंत्रिमंडल बैठक में इस संबंध में व्हाइट पेपर कमेटी के गठन पर निर्णय लिया जाएगा, ताकि तथ्यों को जनता के सामने लाया जा सके।
