शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की समाप्ति के बाद सुक्खू सरकार की ओर से तय कैबिनेट बैठक अचानक स्थगित कर दी गई है। दिल्ली से लौटने के बाद मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शुक्रवार सुबह 11 बजे बैठक तय की गई थी, जिसे अब स्थगित कर दिया गया है। इस बैठक से प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को बड़ी उम्मीदें थीं, क्योंकि सरकार विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों को भरने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी में थी।
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल में फेरबदल की खींचतान चल रही है। तीन दिन तक सीएम सुक्खू और आधा मंत्रिमंडल दिल्ली में डटा रहा, लेकिन कोई फाइनल निर्णय नहीं हुआ। इस खींचतान के बीच पहले से 11 सितंबर को तय कैबिनेट बैठक स्थगित कर दी गई है।
सरकार ने तय किया है लक्ष्य
राज्य सरकार ने दिसंबर 2026 तक प्रदेश में 50 हजार नौकरियां देने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। मानसून सत्र के दौरान भी सीएम सुक्खू ने भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के स्पष्ट संकेत दिए थे।
इन विभागों में भरे जाने हैं पद
शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों में खाली पदों को प्रमुखता से भरने की तैयारी चल रही है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री की बजट घोषणाओं और विभिन्न मंत्रिमंडलीय उपसमितियों की सिफारिशों को भी बैठक में हरी झंडी मिलनी थी।
