2027 विधानसभा चुनाव से पहले गुरुहरसहाए में सियासी हलचल तेज
पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले गुरुहरसहाए विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल (बादल) के बीच मुकाबले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हैं। कांग्रेस और अकाली दल के नेता छोटे-बड़े कार्यक्रमों में लगातार सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस के पूर्व विधायक रमिंदर आवला भी लंबे समय से क्षेत्र के लोगों के संपर्क में हैं। स्थानीय स्तर पर सामाजिक गतिविधियों में उनकी सक्रियता बनी हुई है। हाल में आई बाढ़ के दौरान भी उनके द्वारा प्रभावित लोगों की मदद किए जाने की बात सामने आई थी। अब वह दोबारा हलके के अलग-अलग इलाकों में जाकर लोगों से मुलाकात कर रहे हैं।
2022 में आप ने अकाली दल को पीछे छोड़ा था
गुरुहरसहाए के पिछले विधानसभा चुनाव का आंकड़ा देखें तो 2022 में यहां कुल 1,72,641 मतदाता थे। इनमें से 1,39,983 लोगों ने वोट डाला था, यानी मतदान प्रतिशत करीब 81 फीसदी रहा। 2022 के चुनाव में आम आदमी पार्टी के फौजा सिंह सरारी को 68,343 वोट मिले थे। शिरोमणि अकाली दल (बादल) के वरदेव सिंह मान को 57,769 वोट मिले। कांग्रेस के विजय कालड़ा को 5,578 और भाजपा के गुरपरवेज सिंह को 3,988 वोट हासिल हुए थे। फौजा सिंह सरारी ने वरदेव सिंह मान को 10,574 मतों के अंतर से हराया था। इससे पहले 2017 में कांग्रेस के गुरमीत सिंह सोढ़ी को 62,787 वोट मिले थे, जबकि अकाली दल के वरदेव सिंह मान को 56,991 वोट मिले। आम आदमी पार्टी के मलकीत चंद को 14,282 वोट हासिल हुए थे। सोढ़ी ने मान को 5,796 मतों से हराया था। वर्ष 2012 में भी कांग्रेस और अकाली दल के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला था। कांग्रेस के गुरमीत सिंह सोढ़ी को 62,054 और शिअद (ब) के वरदेव सिंह मान को 58,805 वोट मिले थे। सोढ़ी ने 3,249 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। उस चुनाव में कुल 1,41,371 मतदाताओं में से 1,26,864 ने मतदान किया था।
सड़क, पानी और सीवरेज के मुद्दे चुनाव में अहम
गुरुहरसहाए क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं भी राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बनी हुई हैं। स्थानीय स्तर पर बिजली, पेयजल, सीवरेज और सफाई व्यवस्था से जुड़ी शिकायतें सामने आती रही हैं। कई इलाकों में सड़कों की खराब स्थिति के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी होने की बात कही जाती है। वहीं, पुरानी और क्षतिग्रस्त पेयजल पाइपलाइनों को लेकर भी शिकायतें हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ जगहों पर सीवरेज का गंदा पानी पेयजल आपूर्ति में मिल जाने की समस्या सामने आती रही है। सीवरेज की सफाई और जलभराव भी क्षेत्र के प्रमुख स्थानीय मुद्दों में शामिल बताए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि इन समस्याओं के स्थायी समाधान की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है।
टिकट की दौड़ में कई नाम सक्रिय
आगामी चुनाव को देखते हुए विभिन्न राजनीतिक दलों में संभावित उम्मीदवारों की गतिविधियां बढ़ रही हैं। कांग्रेस की ओर से पूर्व विधायक रमिंदर आवला के अलावा डॉ. ज्योति, जोगिंदर सिंह और गुरदीप सिंह के नाम टिकट की दावेदारी से जोड़े जा रहे हैं। आम आदमी पार्टी में मौजूदा विधायक फौजा सिंह सरारी के साथ मलकीत थिंद, हरजिंदर सिंह और खुशप्रीत सिंह के नाम भी दावेदारों के तौर पर सामने आ रहे हैं। शिरोमणि अकाली दल (बादल) की ओर से वरदेव सिंह मान को प्रमुख दावेदारों में गिना जा रहा है। वहीं, भाजपा में दीपक शर्मा और राणा राय टिकट के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। दावेदारों की बढ़ती सक्रियता के बीच रमिंदर आवला और वरदेव सिंह मान ने क्षेत्र में जनसंपर्क गतिविधियां तेज कर दी हैं। दोनों नेताओं की ओर से बैठकों और लोगों से मुलाकातों के जरिए अपना संपर्क बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
विकास को लेकर विधायक और भाजपा जिलाध्यक्ष के अलग-अलग दावे
गुरुहरसहाए के मौजूदा विधायक फौजा सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र में 16 खेल स्टेडियम बनाए गए हैं। उनके अनुसार विभिन्न गांवों की पंचायतों को विकास कार्यों के लिए पांच करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं, जबकि पांच करोड़ रुपये की एक और राशि आने वाली है। विधायक का कहना है कि क्षेत्र में कई अन्य विकास कार्य भी पूरे किए गए हैं और कुछ परियोजनाओं पर अभी काम चल रहा है। दूसरी ओर, भाजपा जिला अध्यक्ष सर्बजीत सिंह ने विकास कार्यों को लेकर अलग तस्वीर पेश की। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब पौने पांच साल के कार्यकाल में हलके में कोई उल्लेखनीय विकास नहीं हुआ। उन्होंने विशेष रूप से शहर की सीवरेज व्यवस्था, पेयजल पाइपलाइनों और सड़कों की स्थिति पर सवाल उठाए। सर्बजीत सिंह के मुताबिक कई स्थानों पर सीवरेज का पानी जमा रहता है और कुछ घरों में पेयजल के साथ सीवरेज का पानी आने की शिकायतें हैं। उन्होंने गांवों और शहर की सड़कों की खराब स्थिति का भी मुद्दा उठाया।
सरकारी कॉलेज और अस्पताल का मुद्दा भी चर्चा में
भाजपा जिला अध्यक्ष ने गुरुहरसहाए में सरकारी संस्थानों की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि करीब 80 वर्ष पुराने इस क्षेत्र में अभी तक सरकारी कॉलेज नहीं है। इसके अलावा उन्होंने सरकारी सब-डिवीजन अस्पताल की सुविधा नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि लोगों को मुख्य रूप से कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर पर निर्भर रहना पड़ता है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले गुरुहरसहाए में राजनीतिक दलों की गतिविधियां बढ़ने के साथ स्थानीय मुद्दे भी चर्चा में आने लगे हैं। आने वाले समय में टिकटों की घोषणा, उम्मीदवारों की सक्रियता और विकास से जुड़े मुद्दे क्षेत्र के चुनावी माहौल को और प्रभावित कर सकते हैं।
