
लखनऊ:- मौसम में बदलाव के साथ उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए योगी सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया है। उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने मंगलवार को स्वास्थ्य भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी 75 जिलों के सीएमओ और सीएमएस के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अस्पतालों में जांच, दवाओं और बेड की उपलब्धता को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक
ब्रजेश पाठक ने स्पष्ट किया कि स्वाइन फ्लू की रोकथाम और इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में आवश्यक दवाओं, जांच सुविधाओं और बेड की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया। अब सीएमओ, सीएमएस, डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ शासन की अनुमति के बिना छुट्टी नहीं ले सकेंगे। इसके अलावा किसी अधिकारी के मुख्यालय से बाहर जाने पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
अस्पतालों में फ्लू कॉर्नर होंगे सक्रिय
डिप्टी सीएम ने सभी जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में फ्लू कॉर्नर सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं। ओपीडी में आने वाले प्रत्येक बुखार के मरीज की स्क्रीनिंग की जाएगी। उन्होंने सैंपल लेने और जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी नहीं करने को कहा। ब्रजेश पाठक ने अधिकारियों से अस्पतालों में स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए जरूरी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने को भी कहा।
लक्षण दिखते ही मरीज को करें आइसोलेट
स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिया कि जिन मरीजों में स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई दें, उन्हें तत्काल अलग रखा जाए। तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को गंभीरता से लेने की सलाह दी गई है। सामान्य मरीजों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार होम आइसोलेशन में रखकर उपचार दिया जा सकता है, जबकि गंभीर मरीजों के साथ-साथ बुजुर्गों और बच्चों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण
स्वाइन फ्लू में आमतौर पर तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, शरीर में दर्द, थकान और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण सामने आने पर लापरवाही न बरतने और चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की गई है।
बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान
- खांसी-जुकाम या अन्य लक्षण होने पर डॉक्टर से संपर्क करें और बिना सलाह दवा न लें।
- लक्षण दिखाई देने पर घर में दूसरों से दूरी बनाए रखें और मास्क का इस्तेमाल करें।
- साबुन और पानी से हाथों को नियमित रूप से साफ करें।
- पौष्टिक भोजन लें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
- संक्रमण से बचने के लिए भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
