चंडीगढ़। हरियाणा में सरकार की ओर से अनुसूचित जाति वर्ग के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग तथा छात्रावास की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। हाल ही में हुई पुलिस भर्ती में वाल्मीकि समाज के 604 बच्चों का चयन हुआ है। समाज के बच्चे विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को संत महापुरुष प्रचार-प्रसार योजना के तहत संत कबीर कुटीर में आयोजित महर्षि वाल्मीकि की राज्यस्तरीय जयंती समारोह में यह बात कही। हिसार में निर्माणाधीन वाल्मीकि छात्रावास के लिए 31 लाख रुपये देने की घोषणा करते हुए वादा किया कि शीघ्र ही वे छात्रावास के भूमि पूजन के लिए वहां जाएंगे।
हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी आयोग का गठन
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष संत कबीर कुटीर में कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया है और अगले वर्ष इसे बड़े स्तर पर आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा। सरकार की हर योजना, हर नीति और हर निर्णय में महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाओं और उनके दिखाए मार्ग की भावना समाहित है। उनकी करुणा, स्वाभिमान और मानवता का संदेश सरकार के कार्यों का आधार है।
मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जातियों के कल्याण और अधिकारों के संरक्षण के लिए उठाए कदमों को साझा करते हुए कहा कि हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग तथा हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी आयोग का गठन किया है। सरकार समाज के सम्मान, स्वाभिमान और क्षमता को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बना रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जरूरतमंद परिवारों को मकान उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। जिन परिवारों के पास मकान बनाने के लिए जगह नहीं है, उन्हें भी प्लाट उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार ने कदम उठाए हैं।
पंचायत एवं विकास मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि वे सभी 36 बिरादरियों को साथ लेकर चल रहे हैं और संत-महापुरुषों की जयंतियां राज्य स्तर पर मनाकर उन्हें सम्मान दे रहे हैं। इस अवसर पर विधायक कपूर सिंह वाल्मीकि, मेयर श्याम लाल बंसल, पूर्व मंत्री विशंबर वाल्मीकि, सफाई आयोग के चेयरमैन ईश्वर सिंह पलाका, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने भी अपनी बात रखी।
