गुलजार सिंह मौत मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई
संगरूर के मजदूर गुलजार सिंह की मौत से जुड़े मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को मामले में आरोपी बनाए जाने के आधार पर सवाल उठाया। अदालत ने मौखिक रूप से पूछा कि किसी मंत्री को इस मामले में आरोपी किस आधार पर बनाया जा सकता है। हालांकि, हाईकोर्ट ने फिलहाल मामले में नोटिस जारी नहीं किया। अदालत ने पंजाब सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने और जांच को उचित तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
गुलजार सिंह की मौत के मामले में FIR दर्ज
गुलजार सिंह की मौत के संबंध में संगरूर जिले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। FIR भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(1)(आर) और 3(1)(एस) के तहत दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 108, पुराने भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के अनुरूप है। मामले को लेकर दायर जनहित याचिका में जांच को केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI या पंजाब से बाहर की किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी को सौंपने की मांग की गई है।
मौत से पहले वीडियो बनाने का दावा
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में कहा गया कि गुलजार सिंह ने अपनी मौत से कुछ समय पहले कथित तौर पर एक वीडियो रिकॉर्ड किया था। इस वीडियो में उसने इलाके में नशीले पदार्थों की कथित उपलब्धता, खासकर सिंथेटिक ड्रग्स को लेकर सवाल उठाए थे। याचिकाकर्ता के मुताबिक, गुलजार सिंह ने अपने कथित वीडियो संदेश में अपनी मौत के लिए कुछ स्थानीय राजनीतिक प्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराया था। इनमें पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का नाम भी लिए जाने का दावा किया गया। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार चीमा का नाम दर्ज FIR में आरोपी के तौर पर शामिल नहीं है। FIR में गांव के सरपंच सहित पांच लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
याचिकाकर्ता ने जांच पर उठाए सवाल
जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कथित वीडियो में लगाए गए आरोपों और उसमें एक वरिष्ठ राजनीतिक पद पर बैठे व्यक्ति के संदर्भ की जांच को लेकर सवाल उठाया। उनकी दलील थी कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए इसे स्वतंत्र एजेंसी को सौंपा जाना चाहिए। इसी दौरान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मौखिक रूप से सवाल किया कि वित्त मंत्री को इस मामले में आरोपी किस आधार पर बनाया जा सकता है। अदालत ने फिलहाल याचिका पर नोटिस जारी करने से इनकार कर दिया।
सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश
हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को मामले की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। साथ ही सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि गुलजार सिंह की मौत से जुड़े मामले की जांच उचित तरीके से हो। याचिका का मामला रविंदर सिंह बनाम पंजाब सरकार के नाम से दर्ज बताया गया है।
नशे को लेकर सवाल उठाने के बाद विवाद में आया था मामला
गुलजार सिंह की मौत से पहले सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने पंजाब में नशे की उपलब्धता और अपने बेटे की कथित नशे की लत को लेकर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के सामने सवाल उठाए थे। इसके बाद उन पर दबाव बनाए जाने के आरोप सामने आए थे। पुलिस ने बाद में सरपंच और चार अन्य लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, उत्पीड़न और SC/ST एक्ट से संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की थी। मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। अब हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद जांच की स्थिति और सरकार की ओर से दाखिल की जाने वाली स्टेटस रिपोर्ट पर नजर रहेगी।
