लखनऊ:- उत्तर प्रदेश के कई जिलों में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो गया है। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के करीब 30 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से भारी बारिश दर्ज की गई। हालांकि, ज्यादातर जिलों में मौसम साफ रहा। मौसम विभाग के मुताबिक, इस अवधि में प्रदेश में औसतन 4 मिलीमीटर के अनुमान के मुकाबले 2.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई, जो सामान्य से करीब 36 फीसदी कम है।
इन जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। इनमें महोबा, हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, अमेठी, रायबरेली, अयोध्या, सुल्तानपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, चंदौली, सोनभद्र, देवरिया, बलिया, मऊ, आजमगढ़, गोरखपुर, संत रविदास नगर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज शामिल हैं। इन इलाकों में स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ बारिश देखने को मिल सकती है।
1 जून से अब तक 4 फीसदी कम बारिश
उत्तर प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक बारिश सामान्य से थोड़ी कम रही है। 1 जून से 18 सितंबर के बीच प्रदेश में अनुमानित 707 मिलीमीटर बारिश के मुकाबले 675 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इस तरह बारिश सामान्य से करीब 4 फीसदी कम रही है।
शनिवार को लखनऊ का मौसम कैसा रहेगा?
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, शनिवार को राजधानी लखनऊ में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। इस दौरान एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। लखनऊ में शनिवार को अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
बांदा सबसे गर्म, बिजनौर सबसे ठंडा
शुक्रवार को बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा। यहां अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 1 डिग्री अधिक रहा। वहीं, बिजनौर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य तापमान से करीब 3 डिग्री कम रहा।
20 सितंबर से पश्चिमी यूपी में थम सकता है बारिश का दौर
मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल सिंह के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से आने वाली नमी के प्रभाव के चलते पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। इसी बीच 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं। उनके अनुसार, 20 सितंबर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर कमजोर पड़ सकता है, जबकि 22 सितंबर के आसपास पूरे प्रदेश में बारिश थमने और मौसम के ड्राई होने की संभावना है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
