पटना से बुधवार की शाम लखनऊ आई इंडिगो के विमान का नोज क्षतिग्रस्त मिला। ऐसे में इंडिगो ने तुरंत इसकी सूचना डीजीसीए को देते हुए विमान को ग्राउंड कर दिया। अगले हिस्से के क्षतिग्रस्त होने के पीछे बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है लेकिन ऐसा होने की संभावना न्यूनतम है। हर पहलुओं पर जांच की जा रही है। इस विमान में करीब 170 यात्री सवार थे। पटना से लखनऊ आ रहे इस विमान को यहां से अहमदाबाद के लिए उड़ान भरनी थी। एयरलाइंस ने यात्रियों को फ्लाइट निरस्त होने की सूचना देते हुए दूसरी उड़ान से जाने या रिफंड कराने का विकल्प दिया।
सूत्रों के अनुसार इंडिगो की उड़ान (6ई-925) पटना से लखनऊ के लिए रवाना हुई थी। इस उड़ान को यहां से अहमदाबाद के लिया रवाना होना था। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार पायलट ने एटीसी को बताया कि नीचे उतरते हुए करीब 17 हजार फुट की ऊंचाई पर बादलों के बीच कुछ हुआ। शायद बिजली गिरी। उतरने के बाद विमान की जांच की गई तो उसकी नोज डैमेज यानी अगला हिस्सा कुछ क्षतिग्रस्त मिला। पटना से लखनऊ आ रही फ्लाइट में 170 यात्री सवार थे। लखनऊ में उतरने के बाद तकनीकी टीम ने विमान की जांच शुरू की। विमान के अन्य हिस्सों पर क्या प्रभाव है, इसकी भी जांच की गई। सुरक्षा के लिहाज से विमान को आगे की उड़ान के लिए तत्काल रवाना नहीं किया गया।
चिड़िया टकराई या बर्फीले गोले वजह, बिजली गिरने की भी संभावना
एविएशन विशेषज्ञों ने बताया कि गरज चमक वाले बादलों के भीतर ओले भी छिपे होते हैं जो आकार में बड़े होते हैं। इनसे टकराने पर नोज डैमेज होने की संभावना होती है। इसके अलावा बर्ड हिट हो सकता है। बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है लेकिन ऐसा होने की संभावना न्यूनतम है। फिलहाल पायलट की रिपोर्ट को गोपनीय रखा गया है जिसकी समीक्षा डीजीसीए करेगा।
