
पंजाब सरकार की गैंगस्टरों के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच पंजाब पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़े कुख्यात आरोपी अमृत दालम उर्फ अमृतपाल सिंह को मोल्दोवा से भारत लाया गया है। पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से लंबे समय तक चलाए गए अभियान के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर भारत पहुंचाया। पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई को करीब छह महीने तक चलाए गए ‘ऑपरेशन ईस्टर्न रीच’ के तहत अंजाम दिया गया। अमृत दालम पर पंजाब में कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह लंबे समय से विदेश में रहकर पुलिस की गिरफ्त से बच रहा था। जांच के अनुसार, अमृत दालम अक्टूबर 2024 में कथित तौर पर फर्जी पासपोर्ट के जरिए भारत से फरार होकर विदेश चला गया था। इसके बाद पंजाब पुलिस की ओफ्टेक टीम ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर उसकी तलाश शुरू की। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया था। इसके बाद मोल्दोवा के ओटाकी बॉर्डर क्रॉसिंग पर उसे हिरासत में लिया गया।
पुलिस की चार सदस्यीय टीम 11 सितंबर को मोल्दोवा एयरपोर्ट पहुंची और अमृत दालम को अपनी कस्टडी में लिया। इसके बाद आरोपी को भारत लाया गया। पंजाब पहुंचने के बाद अब पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान पुलिस का फोकस आरोपी की विदेश में गतिविधियों, गैंग के अन्य सदस्यों के साथ उसके संपर्क और विदेश से संचालित आपराधिक नेटवर्क को लेकर रहेगा। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश करेंगी कि विदेश में रहते हुए आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और गैंग की गतिविधियों में उसकी क्या भूमिका थी। पुलिस के अनुसार, अमृत दालम के खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, यूएपीए और जबरन वसूली समेत कुल 21 आपराधिक मामले दर्ज हैं। गंभीर धाराओं में दर्ज इन मामलों के चलते वह पंजाब पुलिस के लिए लंबे समय से वांछित था। पुलिस का कहना है कि विदेश भाग चुके आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। अमृत दालम को मोल्दोवा से भारत लाया जाना इसी अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। पंजाब पुलिस की इस कार्रवाई को गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता माना जा रहा है। विदेश में छिपे अन्य वांछित आरोपियों तक पहुंचने के लिए भी इस तरह की कार्रवाई आगे जारी रहने की संभावना है।
