
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल जालंधर दौरे के दौरान भगवान वाल्मीकि आश्रम पहुंचे। यहां आश्रम के चेयरमैन विपिन सभ्रवाल ने उनका स्वागत किया। इस दौरान सफाई कर्मचारियों और सीवरमैनों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। हरदीप सिंह गिल ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की समस्याएं किसी एक राज्य तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह पूरे देश से जुड़ा विषय है। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग इन समस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों को उनके अधिकारों की जानकारी दिलाने और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए आयोग प्राथमिकता के आधार पर काम कर रहा है। कर्मचारियों की समस्याओं को संबंधित स्तर तक पहुंचाकर उनके समाधान की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
गिल ने बताया कि वाल्मीकि समाज के स्वतंत्रता सेनानियों और महापुरुषों के सम्मान में दिल्ली में एक राष्ट्रीय स्मारक बनाया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से फंड जारी किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि स्मारक के लिए जमीन को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की योजना है। करीब छह महीने के भीतर जमीन फाइनल कर निर्माण कार्य शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। सीवरमैनों से जुड़े मुद्दों पर बात करते हुए गिल ने कहा कि उन्हें जोखिम भत्ता, बेहतर वेतन और पूर्ण कुशल कर्मचारी का दर्जा दिलाने के लिए आयोग की ओर से केंद्र सरकार को सिफारिशें भेजी गई हैं। उन्होंने सीवरमैनों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया। इसके तहत स्वास्थ्य बीमा कार्ड उपलब्ध कराने की दिशा में भी आयोग की ओर से सिफारिशें की गई हैं।
गिल ने सफाई कर्मचारियों और सीवरमैनों से केंद्र सरकार की नमस्ते योजना का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने बताया कि योजना के तहत मशीनें खरीदने पर 25 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल से सीवर और सफाई के दौरान कर्मचारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है। साथ ही सफाई व्यवस्था को भी अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाया जा सकता है। भगवान वाल्मीकि आश्रम में हुई इस बैठक के दौरान सफाई कर्मचारियों से जुड़े अधिकारों, सुविधाओं, सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। आयोग के उपाध्यक्ष ने कर्मचारियों को सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए जागरूक किया।
