उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास की गति बढ़ाने के लिए निवेशकों को और सुविधाएं दी जाएंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट बैठक में ‘उप्र निजी बिजनेस पार्क योजना-2025’ को स्वीकृति दी जाएगी। इससे प्रदेश में सरकारी भूमि पर शेड वाले बिजनेस पार्कों की स्थापना का रास्ता साफ हो जाएगा। कैबिनेट बैठक में औद्योगिक विकास से जुड़ी विभिन्न नीतियों में नए प्रावधानों को भी मंजूरी मिलेगी। कुल 23 प्रस्ताव रखे जाएंगे।
कैबिनेट बैठक में उप्र औद्योगिक विकास प्राधिकरण केंद्रीयित सेवा (द्वितीय संसोधन) नियमावली 2026 को भी स्वीकिृति दी जाएगी। अब इसके तहत डीडा के कर्मियों को भी केंद्रीयित सेवा में शामिल किया जाएगा जबकि उप्र निजी बिजनेस पार्क योजना के तहत बड़े उद्योगपति पीपीपी माडल पर बिजनेस पार्कों का विकास करेंगे। प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल शेड्स योजना (डीबीएफओटी) की शुरुआत से निवेशकों को तत्काल उत्पादन शुरू करने में मदद मिलेगी। इन्वेस्ट यूपी ने बीते दिनों इससे जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया था। प्रदेश में भूमि की कीमत अधिक होने की वजह से छोटे निवेशकों को आकर्षित करने के लिए इस योजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कैबिनेट में संभल में गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे इंटीग्रेटेड लाजिस्टिक एंड मैन्युफैक्चरिंग कल्स्टर की स्थापना के अलावा निवेशकों को सब्सिडी प्रदान किए जाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति मिलने की संभावना है।
मुख्यमंत्री 24 को करेंगे निवेश मित्र 3.0 की शुरुआत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 24 मार्च को लोक भवन में आयोजित समारोह में निवेश मित्र 3.0 की शुरुआत करने के साथ ही उप्र निजी बिजनेस पार्क योजना का अनावरण भी करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री 85 कंपनियों को एलओसी व सब्सिडी भी प्रदान करेंगे। कुल ₹2,781 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। निवेश मित्र 3.0 को नेक्स्ट-जनरेशन प्लेटफार्म के रूप में तैयार किया गया है, जो उद्योगों की स्थापना और संचालन के लिए आवश्यक स्वीकृतियों और क्लियरेंस को अधिक तेज, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल बनाएगा। निवेश मित्र 2.0 में 43 विभागों की 530 से अधिक सेवाएं एकीकृत थीं जबकि निवेश मित्र 3.0 में सेवा सूची को तर्कसंगत बनाते हुए अब 40 से अधिक विभागों की 200 से कम सेवाओं तक सीमित किया गया है, जिससे अनावश्यक प्रक्रियाएं समाप्त होंगी और कार्यकुशलता में वृद्धि होगी।
यह होंगी नई सुविधाएं
निवेश मित्र 3.0 में कई उन्नत सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं, जिनमें एआई-संचालित चैटबाट द्वारा त्वरित सहायता, आवेदन की स्थिति पर रियल-टाइम एसएमएस अलर्ट, एकीकृत कंबाइंड एप्लिकेशन फार्म (सीएएफ) और जीआईएस आधारित लैंड बैंक के माध्यम से उपयुक्त जमीन की आसान पहचान शामिल है। निवेशक अपने प्रस्तावों को अब ग्राउंड-ब्रेकिंग से लेकर व्यावसायिक उत्पादन तक आनलाइन ट्रैक कर सकेंगे। नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम के साथ एकीकरण से केंद्र और राज्य स्तर की स्वीकृतियों में बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
यह किए गए सुधार
प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए कई सुधार किए गए हैं। इनमें आवेदन फार्म में लगभग 25 प्रतिशत कम फीड, 15 प्रतिशत कम दस्तावेज और लगभग 20 प्रतिशत कम प्रक्रियात्मक चरण शामिल किए गए हैं, जिससे अनुमोदन प्रक्रिया अधिक तेज होगी। 2018 में शुरू हुए निवेश मित्र ने 21 लाख से अधिक आवेदनों का निस्तारण करते हुए 97 प्रतिशत की प्रभावशाली दर हासिल की है।
