सितारगंज। भारत सरकार की कायाकल्प योजना के तहत राज्य स्तरीय बाह्य मूल्यांकन टीम ने उप जिला अस्पताल सितारगंज का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, अस्पताल की स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन की जांच की।
बृहस्पतिवार को बाह्य मूल्यांकन टीम के सदस्य डॉ. विशाल ने उप जिला अस्पताल में स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन, रोगी सुविधाओं और रिकॉर्ड संधारण से जुड़े विभिन्न बिंदुओं का विस्तृत मूल्यांकन किया।
टीम ने अस्पताल परिसर, ओपीडी, आईपीडी वार्ड, प्रसव कक्ष, ऑपरेशन थियेटर, प्रयोगशाला, फार्मेसी, आपातकालीन कक्ष और शौचालयों की साफ-सफाई व व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने मरीजों और तीमारदारों के लिए पेयजल, बैठने की व्यवस्था, मार्गदर्शन संकेतक (साइन बोर्ड), शिकायत निवारण प्रणाली और सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया गया।
टीम ने संक्रमण नियंत्रण के तहत हैंड हाइजीन, सेनेटाइजेशन, स्टरलाइजेशन प्रक्रिया, लिनन प्रबंधन और चिकित्सा उपकरणों की साफ-सफाई की व्यवस्था का परीक्षण किया। साथ ही, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत कचरें के पृथक्करण, रंगीन डस्टबिन के उपयोग, शार्प डिस्पोजल और अपशिष्ट के सुरक्षित निस्तारण की प्रक्रिया का भी गहन निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान टीम ने अस्पताल के विभिन्न रजिस्टरों, दवाओं की उपलब्धता, मरीजों की फीडबैक प्रणाली और अस्पताल में संचालित राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। टीम ने मरीजों से बातचीत कर अस्पताल में मिल रही सुविधाओं, स्टाफ के व्यवहार और उपचार व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली।
सीएमएस डॉ. कुलदीप यादव ने बताया कि अस्पताल में स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए नियमित मॉनिटरिंग की जाती है। उन्होंने कहा कि कायाकल्प योजना के माध्यम से अस्पतालों में स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण और मरीजों को सुरक्षित व बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहा हैं।
इस अवसर पर डॉ. रीना यादव, डॉ. अतुल यादव, मयंक नैनवाल सहित अस्पताल के चिकित्सक, स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ व अन्य कर्मचारी उपस्थित रहें।
