हिमाचल प्रदेश सरकार और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के बीच सोमवार को शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की उपस्थिति में तीन समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। इन समझौता ज्ञापनों पर प्रदेश सरकार की तरफ से पशुपालन सचिव रितेश चौहान और हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक प्रसंघ समिति के प्रबंध निदेशक अभिषेक वर्मा ने हस्ताक्षर किए। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने बोर्ड की ओर से हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर सीएम सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने पर आने वाले समय में 300 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
पहला समझौता ज्ञापन कांगड़ा मिल्क यूनियन के गठन और संचालन के लिए किया गया, जबकि दूसरा समझौता नाहन, नालागढ़ में 20 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता के दो दूध प्रसंस्करण संयंत्रों, जिला हमीरपुर के जलाड़ी और जिला ऊना के झलेड़ा में 20 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता के दो दुग्ध अभिशीतन केंद्रों की स्थापना और तीसरा समझौता ज्ञापन मिल्कफेड में उद्यम संसाधन प्लानिंग सॉफ्टवेयर लागू करने पर किया गया। कांगड़ा जिला के ढगवार में 250 करोड़ रुपये की लागत से 1.50 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता का स्वचालित आधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जा रहा है, जिसकी क्षमता भविष्य में तीन लाख लीटर प्रतिदिन तक बढ़ाई जा सकेगी।
समझौते के तहत नई मिल्क यूनियन में कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर और चंबा जिलों को शामिल किया गया है इससे दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा। दूध संग्रहण, गुणवत्ता परीक्षण, उत्पादन, भंडारण तथा वितरण से संबंधित सभी प्रक्रियाओं का डिजिटल प्रबंधन संभव हो पाएगा। दूध उत्पादक किसानों का रिकॉर्ड व्यवस्थित होगा और उन्हें समय पर और पारदर्शी तरीके से भुगतान किया जा सकेगा। उत्पादन प्रबंधन, स्टॉक नियंत्रण और सप्लाई चेन की निगरानी अधिक प्रभावी होगी। सुक्खू ने कहा कि कांगड़ा जिला में ढगवार मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट बनने के बाद ‘हिम’ ब्रांड के गुणवत्तापूर्ण उत्पाद बाजार में उतारे जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश दूध खरीद पर सबसे अधिक समर्थन मूल्य देने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस अवसर पर मिल्कफेड के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसायटीज डीसी नेगी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
वेरका और अमूल की तर्ज पर उत्पादों को आगे बढ़ाना होगा : चंद्र
कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने ‘हिम’ ब्रांड को प्रचलित करने पर जोर देते हुए कहा कि हमें अपने उत्पादों को वेरका और अमूल की तर्ज पर आगे बढ़ाना होगा। इस वर्ष अक्तूबर माह तक ढगवार मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट शुरू हो जाएगा। इससे कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर और चंबा जिला के किसानों को फायदा होगा। कहा कि किसानों को पशुओं की सेहत में सुधार करने की भी आवश्यकता है और राज्य सरकार उन्हें अच्छी नस्ल के दुधारु पशु खरीदने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
