किच्छा के गंगवार फार्म बरा में आयोजित सरदार एकता संदेश समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने शनिवार को लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की नवनिर्मित प्रतिमा का लोकार्पण किया।
राज्यपाल ने सरदार पटेल को नमन करते हुए कहा कि वे भारत के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री थे, जिन्हें “लौह पुरुष” के नाम से जाना जाता है। स्वतंत्रता के बाद उन्होंने 560 से अधिक रियासतों का भारतीय संघ में विलय कर राष्ट्र को एकजुट किया, जो विश्व इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
राज्यपाल ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड के उधमसिंह नगर में सरदार पटेल की प्रतिमा स्थापित करना गर्व की बात है। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उन्हें राष्ट्रभक्ति और सेवा के मार्ग पर चलने की दिशा दिखाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखण्ड त्याग, तपस्या, वीरता और राष्ट्रीय भक्ति की भूमि रही है। इसकी प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध संस्कृति और जनजीवन की सफलता सभी को कर्तव्यनिष्ठ और सेवा-संवेदनशील बनने का संदेश देती है। इस पवित्र भूमि पर सरदार पटेल की प्रतिमा स्थापना न केवल सार्थक है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को दिशा देने का कार्य भी करेगी।
राज्यपाल ने सरदार पटेल को दृढ़ निश्चयी, दूरदर्शी और कुशल प्रशासक बताया। वे भारतीय प्रशासनिक सेवा के संस्थापक और राष्ट्रीय आंदोलनों के प्रमुख नेता थे। उन्होंने कहा कि पटेल ने बारडोली और खेड़ा सत्याग्रह जैसी चुनौतियों का बेबाक और निर्णायक नेतृत्व किया। उनके लिए राष्ट्र हमेशा सर्वोपरि था।
राज्यपाल ने सभी से अपील की कि जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्रीय भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को साकार करने में निरंतर प्रयासरत हैं। देश के विभिन्न हिस्सों को सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से जोड़ने के लिए किये जा रहे प्रयास सरदार पटेल के आदर्शों को अपनाने के समान हैं।
इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद गंगवार, रेनू गंगवार, सुरेश गंगवार सहित अनेक जनप्रतिनिधि और नागरिक मौजूद थे। राज्यपाल ने सरदार पटेल की प्रतिमा स्थापना में जुड़े सभी सहयोगियों को भी बधाई दी।
