नाहन। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने डॉ. यशवंत सिंह परमार मेडिकल कॉलेज नाहन का रविवार को निरीक्षण किया। निरीक्षण करने के मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के साथ मुख्यमंत्री ने संवाद भी किया। उन्होंने चिकित्सकों से कहा कि वे आज उनकी बात सुनने आए हैं, ताकि स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार किया जा सके।
उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी वह अन्य मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सकों के साथ इसी तरह संवाद कर चुके हैं, ताकि चिकित्सकों के सुझाव को नीति में शामिल किया जा सके और मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज सिर्फ रैफरल स्वास्थ्य संस्थान बन कर रह गए हैं, लेकिन इनमें सुधार करके प्रदेश में ही लोगों को बेहतर सेवाएं प्रदान की जाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मेडिकल सुविधाओं में सुधार के लिए हाई-एंड मेडिकल टेक्नोलॉजी ला रही है, जिसके लिए आने वाले समय में 3 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाया
सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने सीनियर रेज़िडेंट डॉक्टरों का स्टाइपेंड 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया है, जबकि सीनियर रेज़िडेंट सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों का स्टाइपेंड एक लाख रुपये से बढ़ाकर 1.30 लाख रुपये किया गया है।
पीजी सीटें बढ़ाई जाएंगी
इसके अलावा मेडिकल कॉलेजों में पीजी की सीटें बढ़ाई जाएगी। मेडिकल कॉलेजों में छात्रों के लिए 60-60 के सेक्शन बनाए जाएंगे। उसी अनुपात में स्टाफ भी उपलब्ध करवाया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिल सके।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, विधायक एवं एचपीसीसी अध्यक्ष विनय कुमार, विधायक अजय सोलंकी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगूराम मुसाफ़िर, पूर्व विधायक किरनेश जंग व अजय बहादुर, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी, महासचिव बाल कल्याण परिषद जैनब चंदेल, राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एसपी कत्याल, जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनंद परमार, एपीएमसी सिरमौर के अध्यक्ष सीता राम शर्मा, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष नासिर रावत, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष दयाल प्यारी, नसीमा बेगम, महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक पंकज ललित, उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा, पुलिस अधीक्षक निश्चिंत नेगी सहित अन्य गण्यमान्य उपस्थित रहे।
