चंडीगढ़: हरियाणा की सभी बड़ी परियोजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए क्यूआर कोड अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे। इन क्यूआर कोड को स्कैन करते ही योजना की डीपीआर, विल्स ऑफ क्वांटिटीज, स्वीकृत तकनीकी विनिर्देश, ठेकेदारों, इंजीनियर्स-इन-चार्ज व कंसल्टेंट्स के नाम आदि की जानकारी मिलेगी। क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी (क्यूएए) के अध्यक्ष राजीव अरोड़ा (सेवानिवृत्त आईएएस) ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप, क्यूएए ने विभिन्न विभागों की परियोजनाओं का विस्तृत तकनीकी ऑडिट किया है, जिसमें 25 बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
इसके अलावा परियोजनाओं की तैयारी और क्रियान्वयन को मजबूत करने के लिए सभी ग्रीनफील्ड सड़क परियोजनाओं, पुलों, फ्लाईओवर, रोड ओवरब्रिज, रोड अंडरब्रिज व पांच करोड़ से अधिक लागत की सभी सड़क परियोजनाओं के लिए डीपीआर और डिजाइन कंसलटेंट की नियुक्ति अनिवार्य की गई है।
कम लागत की परियोजनाओं के लिए संबंधित विभागों व मुख्य वास्तुकार के परामर्श से एसओपी व स्टैंडर्ड डिजाइन तैयार करने होंगे। 5 करोड़ रुपये और उससे अधिक लागत की सभी परियोजनाओं के लिए थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन व मॉनिटरिंग एजेंसियों की नियुक्ति अनिवार्य की गई है ताकि स्वतंत्र गुणवत्ता जांच व निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
