लखनऊ। राज्य कृषि विकास योजना के तहत गठित राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति ने 286.46 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को अनुमोदन दिया है। इनमें वर्तमान वित्तीय वर्ष में कृषि एवं कृषि संवर्गीय विभागों-संस्थाओं की नई परियोजनाओं के लिए 185.33 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया गया है।
वहीं, पहले से संचालित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के लिए भी 101.13 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने निर्देश दिए हैं कि अनुमोदित परियोजनाओं के काम निर्धारित समय-सीमा में पूरे कराए जाएं।
गुरुवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई समिति की बैठक में राजकीय कृषि प्रक्षेत्रों के आधुनिकीकरण के लिए उन्नत कृषि यंत्र, सिंचाई नलकूप, जल निकास आदि व्यवस्थाओं को 60 करोड़ रुपये की परियोजना दो वर्षों के लिए अनुमोदित की गई।
तीर्थ कार्यक्रमों के आयोजन को 8.80 करोड़ रुपये स्वीकृत
कृषि विभाग की नौ आइपीएम प्रयोगशालाओं की उत्पादन क्षमता में वृद्धि को 2.78 करोड़ रुपये, देवरिया में नई आइपीएम प्रयोगशाला व मृदा परीक्षण प्रयोगशाला भवन के निर्माण को 3.71 करोड़ रुपये और लखीमपुर खीरी में मृदा परीक्षण प्रयोगशाला भवन के निर्माण को 2.60 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति दी गई। कृषि प्रसार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रशिक्षण और कृषि विश्वविद्यालयों व कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से किसान-वैज्ञानिक संवाद व कृषि तीर्थ कार्यक्रमों के आयोजन को 8.80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
राज्य कृषि प्रबंध संस्थान रहमानखेड़ा में कृषि यंत्रीकरण, कम्बाइन हार्वेस्टर प्रशिक्षण कार्यक्रम व बाउंड्रीवाल आदि कार्यों को 6.10 करोड़ रुपये और प्रदेश में औद्यानिक विकास कार्यक्रमों के लिए 5.98 करोड़ रुपये की परियोजनाएं भी स्वीकृत की गईं। वहीं गन्ना विभाग द्वारा गोरखपुर में गन्ने की नवीन प्रजातियों के अभिजनक बीज उत्पादन के लिए टिश्यू कल्चर लैब की स्थापना को 1.82 करोड़ रुपये, मत्स्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रशिक्षण, गोरखनाथ हैचरी के पुनर्निर्माण व राजकीय मत्स्य प्रक्षेत्रों की मत्स्य बीज उत्पादन क्षमता बढ़ाने को 7.91 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की गईं।
उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के माध्यम से बुलंदशहर, मैनपुरी व जालौन में 5300 टन क्षमता के बीज भंडारण गोदामों के निर्माण को 17.28 करोड़ रुपये, सहकारिता विभाग के 14 पैक्स पर गोदाम निर्माण व 25,000 टन भंडारण क्षमता के गोदामों के निर्माण को 54.55 करोड़ रुपये, कृषि विश्वविद्यालयों बांदा, अयोध्या व मेरठ और पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय मथुरा में शोध आदि के लिए 13.80 करोड़ रुपये की परियोजनाएं भी अनुमोदित की गईं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में समयबद्धता, गुणवत्ता व वित्तीय अनुशासन का ध्यान रखा जाए। परियोजनाओं का प्रभावी अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि संबंधित विभाग व संस्थाएं राज्य कृषि विकास योजना के तहत समुचित परीक्षण के बाद ही परियोजना प्रस्ताव प्रस्तुत करें।
बैठक में प्रमुख सचिव कृषि रवीन्द्र ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए 500 करोड़ रुपये का आउट-ले अनुमोदित है और 200 करोड़ रुपये की धनराशि बजट प्रविधान में स्वीकृत है।
