प्रयागराज। लखनऊ राजमार्ग पर मलाक हरहर के पास चंदापुर गांव स्थित कोल्ड स्टोरेज में सोमवार दोपहर हुए हादसे के मामले में स्टोरेज संचालक पूर्व मंत्री अंसार अहमद उर्फ पहलवान, उसके पुत्र मंजूर व भतीजे अलाउद्दीन को मंगलवार देर शाम पुलिस ने जेल भेज दिया।
दोपहर में तीनों को भदरी फ्लाईओवर के पास से गिरफ्तार किया गया। अन्य चार नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। जबकि पांच अज्ञात को चिह्नित करने में जुटी है। वहीं, मंगलवार दोपहर मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने एसआरएन व बेली अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। साथ ही जिला उद्यान अधिकारी सौरभ श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया। घटनास्थल पर दूसरे दिन मंगलवार को भी रेस्क्यू चलता रहा।
चंदापुर गांव निवासी सपा के पूर्व मंत्री अंसार अहमद ने घर के पास ही आदर्श कोल्ड स्टोरेज खुलवाया था। इसकी देखरेख वह और उनके परिवार के सदस्य करते थे। सोमवार दोपहर अमोनिया गैस रिसाव से टैंक फट गया था, जिससे कोल्ड स्टोरेज की छत व दीवार गिर गई थी। इसमें चार मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि 17 मजदूर घायल हो गए थे।
इसमें 14 की हालत अभी भी गंभीर है। देर रात फाफामऊ थाने के एसएसआइ कंबोद सिंह की तहरीर पर पूर्व मंत्री अंसार अहमद, बेटे मंजूर, भतीजे अलाउद्दीन, मैनेजर उस्मान, मंत्री के करीबी असलम बाबा, जावेद, इरफान को नामजद करते हुए पांच अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें सभी पर हत्या समेत कई धाराएं लगाई गईं। मंगलवार दोपहर आरोपितों की तलाश में जुटी पुलिस ने पूर्व मंत्री अंसार अहमद, मंजूर व अलाउद्दीन को भदरी फ्लाईओवर के पास से गिरफ्तार कर लिया।
थाना प्रभारी फाफामऊ अश्वनी सिंह ने बताया कि पूछताछ के बाद देर शाम तीनों को जेल भेज दिया गया। उधर, दोपहर में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह स्वरूपरानी नेहरू व बेली अस्पताल पहुंचे। हादसे में घायल मजदूरों का हालचाल लिया। डाक्टरों से वार्ता कर बेहतर इलाज को कहा।
इसके बाद जिला उद्यान अधिकारी सौरभ श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया। इतनी बड़ी घटना में सिर्फ जिला उद्यान अधिकारी सौरभ श्रीवास्तव को निलंबित किए जाने के बाद तमाम सवाल खड़े हो गए हैं। मसलन कोल्ड स्टोरेज का लाइसेंस कैसे दिया गया? लाइसेंस का नवीनीकरण कैसे हुआ? एनओसी कैसे दी गई? उच्चाधिकारियों ने पहले क्या कोई नोटिस जारी किया था? ऐसे में यह संभावना है कि हादसे की गाज अभी कई बड़े अधिकारियों पर गिरेगी।
मुनाफाखोरी के लिए जानबूझकर की ओवरलोडिंग
एसएसआइ कंबोद सिंह की तहरीर पर सात धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। इनमें पहली धारा हत्या की है। इसके अलावा सात सीएलए एक्ट समेत छह अन्य धाराएं भी लगी हैं। तहरीर में एसएसआइ ने लिखा है कि आदर्श कोल्ड स्टोरेज मे कूलिंग के लिए प्रयोग की जाने वाली अमोनिया गैस का चैंबर फट जाने से कोल्ड स्टोरेज की दीवारें गिर गईं। जिस कारण चार मजदूरों की मौत हो गई। करीब 14-15 घायल हो गए।
जहरीली अमोनिया गैस का रिसाव हुआ और गैस पूरे वातावरण में फैल गई, जिससे आसपास रहने वाले लोगों मे जीवन भय पैदा हो गया। लोगों का दम घुटने लगे। आंखों से आंसू निकलने लगा। सांस लेने में दिक्कत होने लगी और इससे उनकी मौत भी हो सकती थी। मौके पर पहुंचने पर आसपास के लोगों ने बताया कि आदर्श कोल्ड स्टोर लगभग 25 वर्षों से ऐसे ही संचालित था। इसका कोई मरम्मत व रखरखाव नहीं हो रहा था और यहां लगभग 90-100 मजदूर काम कर रहे थे।
इन्हें किसी प्रकार की ट्रेनिंग नहीं दी गई थी। कोल्ड स्टोर जर्जर था। यहां कोई भी टेक्नीशियन नहीं रखा गया था। कोई मानक नहीं था। मुनाफाखोरी के लिए क्षमता से बहुत ज्यादा स्टोरेज किया गया था। जानबूझकर क्षमता से कई गुना गैस छोड़ी गई। कोल्ड स्टोरेज अंदर से लाककर यह कृत्य किया गया, जिससे निश्चय ही व्यक्तियों का मृत होना सुनिश्चित था। आरोपितों को यह जानकारी थी कि कभी भी गैस चैंबर फट सकता है और इस प्रकार की गंभीर घटना कभी भी घट सकती है। मजदूरों की मृत्यु हो सकती है। घटना में चार मजदूरों की मौत के जिम्मेदार यही आरोपी हैं।
