शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार को कर्मचारियों और पेंशनरों को एरियर का 8555 करोड़ रुपये का भुगतान करना है, जिसमें से 2155 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। पहली जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2021 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके ग्रेच्युटी एरियर के 20 प्रतिशत हिस्से का भुगतान किया जा चुका है।
प्रथम से तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों को 50 हजार रुपये और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को 60 हजार रुपये का भुगतान किया गया है। चतुर्थ श्रेणी के सभी कर्मचारियों को उनके वेतन एरियर का अतिरिक्त 20 हजार रुपये का भुगतान 19 अक्टूबर, 2024 को भी किया गया है।
चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को पेंशन का लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से उनकी पांच साल की दैनिक सेवा के बदले एक साल की ‘क्वालीफाइंग सर्विस’ का लाभ पेंशन गणना के लिए दिया गया है।
30 हजार पेंशनधारकों को मिलेगा लाभ
वित्त विभाग के उपलब्ध औसत भुगतान आंकड़ों के आधार पर अनुमान लगाया जाए तो 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनभोगी व पारिवारिक पेंशनभोगियों की अनुमानित संख्या लगभग 25 से 30 हजार है। पेंशन का भुगतान करने पर लगभग 90 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
चतुर्थ श्रेणी सेवानिवृत्त कर्मचारी कितने
चतुर्थ श्रेणी सेवानिवृत्त कर्मचारी (2016-2021) अनुमानित लाभार्थी लगभग 12 हजार से 15 हजार हैं। इसके अतिरिक्त ग्रेच्युटी व लीव एनकैशमेंट के आंशिक भुगतान पर कुल 96 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे पहले चरणबद्ध तरीके से करीब 40-45 प्रतिशत वरिष्ठ पेंशनभोगियों को आंशिक भुगतान या नियमित पेंशन का लाभ मिल चुका है।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के मामले में कुछ कर्मचारियों को संशोधित पेंशन का लाभ मिला है, लेकिन ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट का एरियर अधिकांश का लंबित था, जिसे अब जनवरी में चुकाया जाएगा।
पेंशन व एरियर भुगतान
70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनभोगियों का पूरा लंबित बकाया भुगतान होगा, इसमें पारिवारिक पेंशनभोगी भी शामिल हैं। इस पर कुल 90 करोड़ व्यय होंगे। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ग्रेच्युटी बकाया का 50 प्रतिशत लीव इनकैशमेंट बकाया का 70 प्रतिशत है। इस पर 96 करोड़ रुपये व्यय होंगे।
