लखनऊ। खाड़ी देशों में जारी संकट के बीच सरकार ने देश में एलपीजी और पीएनजी कनेक्शन को लेकर संशोधित आदेश जारी किया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी एक संशोधित गजट में कहा गया है कि कोई भी उपभोक्ता एलपीजी और पीएनजी कनेक्शन एक साथ नहीं रख सकता है।
जिन लोगों के पास भी पीएनजी कनेक्शन हैं उनको अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने होंगे। इस आदेश के दायरे में लखनऊ के ही 80 हजार से अधिक उपभोक्ता आएंगे जिनके पास पीएनजी कनेक्शन हैं।
एलपीजी को लेकर भविष्य में संकट नहीं रहे इसके लिए सरकार ने एहतियातन यह कदम उठाया है जिसके तहत पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने घरेलू गैस सप्लाई से जुड़े नियमों में बदलाव किया हैं। हालांकि पहले भी नए संशोधन के अनुसार जिन उपभोक्ताओं के घर में पाइप्ड नेचुरल गैस पीएनजी कनेक्शन हैं, उन्हें अब एलपीजी सिलेंडर रखने, नया कनेक्शन लेने या रिफिल कराने की अनुमति नहीं होगी।
तेल कंपनियां भी ऐसे उपभोक्ताओं को एलपीजी कनेक्शन नहीं देंगे और ना ही वितरक एलपीजी रिफिल करेंगे। इसलिए जिन लोगों के पास दोनों रूपों में कनेक्शन हैं उनको एलपीजी कनेक्शन को तत्काल वापस करना होगा।
पीएनजी कनेक्शन अनिवार्य
लखनऊ और आगरा के अलावा अयोध्या, सुल्तानपुर और उन्नाव में पीएनजी की आपूर्ति करने वाली ग्रीन गैस लिमिटेड के एक अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय के तरफ से जारी संशोधित आदेश में एलपीजी और पीएनजी कनेक्शन एक साथ नहीं देने के अलावा एक और महत्वपूर्ण बात कही गई है। जहां जहां से भी पीएनजी की पाइप लाइन गुजरी है और आपूर्ति जारी है वहां मौजूद घरों को अनिवार्य रूप से कनेक्शन दिया जाए। लखनऊ और आगरा में ही करीब पौने दो लाख कनेक्शन हैं।
