देहरादून। ऊधमसिंह नगर जनपद के काशीपुर निवासी एक किसान द्वारा हल्द्वानी में आत्महत्या किए जाने के गंभीर प्रकरण को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अत्यंत संवेदनशीलता से लेते हुए कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत को मजिस्ट्रेट जांच के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुखद घटना से जुड़े सभी तथ्यों एवं परिस्थितियों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही या दोष सामने आता है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री धामी ने इस मामले को लेकर मुख्य सचिव आनंद बर्धन तथा पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ से भी पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी ली है और जांच प्रक्रिया पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने दिवंगत किसान के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने प्रशासन को निर्देशित किया कि पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और उन्हें न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम तत्परता से उठाए जाएं।
ज्ञातब्य हो कि काठगोदाम थाना क्षेत्र के एक निजी होटल में काशीपुर निवासी सुखवंत सिंह (40) ने रविवार को अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। आत्महत्या से पहले सुखवंत ने फेसबुक लाइव वीडियो भी बनाया, जिसमें उसने प्रॉपर्टी डीलरों और उधम सिंह नगर पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। वीडियो में किसान ने बताया कि लगभग 4 करोड़ रुपए के कथित जमीन फर्जीवाड़े के बाद से वह मानसिक तनाव में था और लगातार परेशान किया जा रहा था।
सुखवंत के पिता ने बताया कि उनके बेटे को प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा धोखा दिए जाने के कारण लंबे समय से मानसिक संकट का सामना करना पड़ रहा था। वीडियो में सुखवंत सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि पैसे लेकर उसे प्रताड़ित किया गया और इसी तनाव के कारण उसने आत्महत्या का खौफनाक कदम उठाया।
वीडियो सामने आने के बाद उधम सिंह नगर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। नैनीताल पुलिस ने मामले की तत्काल जांच शुरू कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी ने बताया कि सुखवंत के सुसाइड नोट और वीडियो साक्ष्य को कब्जे में ले लिया गया है और पंचनामे की कार्रवाई की गई। इसके साथ ही होटल में मौजूद मृतक की पत्नी और बेटे के बयान भी दर्ज किए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जाएगी। इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने कुमाऊं आयुक्त को मजिस्ट्रेट जांच के निर्देश दिए हैं।
