शिमला। हिमाचल प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने हिमाचल प्रदेश ने पंचायत राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों में पुनर्गठन, विभाजन और नए गठन वाले क्षेत्रों के लिए मतदाता सूचियों को नए सिरे से तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों व उपायुक्तों और संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है।
आयोग ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में पंचायतों और शहरी निकायों के आम चुनाव जनवरी 2026 में प्रस्तावित थे, जिसके लिए 1 अक्टूबर 2025 की पात्रता तिथि के आधार पर 3577 ग्राम पंचायतों और 72 शहरी निकायों की मतदाता सूचियां तैयार की जा चुकी थीं।
500 ग्राम पंचायतों में वार्डों के परिसीमन प्रक्रिया जारी
हालांकि, चुनाव समय पर नहीं हो सके। इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिए हैं कि राज्य में स्थानीय निकायों के चुनाव 31 मई 2026 तक हर हाल में संपन्न कराए जाएं। प्रदेश में करीब 500 ग्राम पंचायतों में वार्डों के परिसीमन की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा कुछ नए नगर पंचायत भी बनाए गए हैं और कई पंचायत क्षेत्रों को नगर निकायों में शामिल किया गया है।
आयोग ने बताया कि जिन पंचायतों और शहरी निकायों पर पुनर्गठन का प्रभाव नहीं पड़ा है, वहां 18 मार्च 2026 की अधिसूचना के तहत विशेष पुनरीक्षण के माध्यम से मतदाता सूचियों का अद्यतन किया जा रहा है।
वहीं, जिन क्षेत्रों में पुनर्गठन या नए गठन की प्रक्रिया चल रही है, वहां परिसीमन पूरा होते ही नई मतदाता सूचियां तैयार की जाएंगी। निर्वाचन आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इस प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें, ताकि निर्धारित समयसीमा के भीतर चुनाव संपन्न कराए जा सकें। यह कदम राज्य में निष्पक्ष और समयबद्ध चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
