शिमला। 16वें वित्तायोग द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद किए जाने के बीच मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आठ फरवरी को सुबह 11 बजे मंत्रिमंडल बैठक बुलाई है। इसमें केंद्र सरकार द्वारा 16वें वित्तायोग की सिफारिशों के आधार पर बंद की गई राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) को बहाल करने का प्रस्ताव पारित किया जाएगा।
यह भी उल्लेख होगा कि संविधान के अनुच्छेद 275-1 के तहत केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को राज्य-विशेष अनुदान दिए जाने का प्रविधान है, जिसे राजस्व घाटा अनुदान कहा जाता है। वर्ष 1952 से लेकर 15वें वित्तायोग के गठन तक केंद्र सरकार से हिमाचल सरकार को आरडीजी नियमित तौर पर मिल रहा था। देश के 17 राज्यों में हिमाचल प्रदेश भी शामिल था, जिसे आरडीजी मिल रहा था। इसके अतिरिक्त ऋण सीमा बढ़ाने और प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1500 करोड़ जारी करने का भी उल्लेख किया जाएगा।
माना जा रहा है कि बैठक में प्रति वर्ष मिलने वाली करीब 10 हजार करोड़ रुपये की आरडीजी राशि बंद होने के प्रभावों पर विस्तृत चर्चा होगी। साथ ही राज्य सरकार कानूनी विकल्पों पर भी विचार कर सकती है।
16वें वित्तायोग की सिफारिशें पहली फरवरी को केंद्रीय बजट के साथ प्रस्तुत की गई हैं, जिनमें आरडीजी बंद करने के साथ-साथ राज्य के लिए जीएसडीपी के तीन प्रतिशत ऋण लेने की सीमा में भी कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इन सिफारिशों को 1 अप्रैल, 2026 से लागू किया जाना प्रस्तावित है।
राज्य सरकार का मानना है कि आरडीजी प्रविधान समाप्त होने से हिमाचल के आत्मनिर्भर बनने के प्रयासों को झटका लगेगा। हालांकि वित्तायोग ने विभाज्य पूल में हिमाचल का हिस्सा 15वें वित्तायोग के 0.830 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.914 प्रतिशत किया है।
6-7 फरवरी को विधायक प्राथमिकता बैठकें
मंत्रिमंडल बैठक से पहले मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 6 और 7 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर विधायक प्राथमिकता बैठकों का आयोजन किया जाएगा। 6 फरवरी को बैठक के पहले दिन सुबह ऊना, हमीरपुर व सिरमौर, दोपहर बाद सोलन, चंबा, बिलासपुर, लाहुल-स्पीति व किन्नौर जिलों के विधायकों के साथ बैठक होगी। दूसरे दिन 7 फरवरी को
सुबह शिमला व मंडी, दोपहर बाद कांगड़ा व कुल्लू
इन बैठकों में विधायक प्राथमिकताओं के निर्धारण के साथ मितव्ययिता उपायों, वित्तीय संसाधन जुटाने और बेहतर प्रशासन से जुड़े सुझावों पर भी चर्चा होगी।
बजट सुझाव के लिए पोर्टल शुरू
वित्त विभाग ने 2026-27 का बजट आम जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार करने के उद्देश्य से उद्योग, व्यापार, किसान संगठनों और आम नागरिकों से 10 फरवरी तक सुझाव आमंत्रित किए हैं। इसके लिए वित्त विभाग की वेबसाइट पर विशेष वेब पोर्टल शुरू किया गया है। सुझाव पत्र के माध्यम से भी भेजे जा सकते हैं। इनमें संसाधन बढ़ाने, व्यय नियंत्रण सहित किसी भी मुद्दे पर सुझाव दिए जा सकते हैं।
