चंडीगढ़। पंजाब में वैट बकाया निपटाने के लिए लागू एकमुश्त निपटान (ओटीएस) स्कीम को कारोबारियों से अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। वित्त मंत्री हरपाल चीमा के अनुसार अब तक 7,845 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें करीब 298.39 करोड़ रुपये के बकाया शामिल हैं। इनमें से 111.16 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है, जो यह दिखाता है कि व्यापारी वर्ग सरकार की नीतियों पर भरोसा जता रहा है।
पुराने टैक्स बोझ को समाप्त करने के साथ-साथ राजस्व को बढ़ावा देने के लिए इसे एक निर्णायक कदम बताते हुए वित्त मंत्री ने चेतावनी दी कि इस राहत की समय सीमा 31 मार्च,2026 तक है। इसके बाद सरकार सख्त वसूली मोड में आ जाएगी और इस कार्रवाई के लिए लगभग 8,000 संपत्तियों की पहले ही पहचान की जा चुकी है।
वित्त मंत्री ने बताया कि लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, पटियाला और रोपड़ डिविजनों से सबसे ज्यादा भागीदारी सामने आई है। इन जिलों में व्यापारियों ने योजना का लाभ उठाते हुए पुराने मामलों को सुलझाने में रुचि दिखाई है। उनका कहना है कि यह रुझान इस बात का संकेत है कि करदाता राहत और पारदर्शिता वाली नीतियों को सकारात्मक रूप से ले रहे हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि 31 मार्च 2026 के बाद जिन मामलों में बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया है, उनमें कानून के प्रविधानों के अनुसार वसूली की कार्रवाई की जाएगी। चीमा ने कहा कि ओटीएस स्कीम को मिला भरपूर समर्थन मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की पारदर्शी और व्यापार-समर्थक नीतियों में करदाताओं के विश्वास को दर्शाता है। इस पहल का उद्देश्य राहत प्रदान करना, मुकदमेबाजी को कम करना और राज्य की राजस्व प्रणाली को मजबूत करना है।
