चम्पावत। नन्धौर वन्यजीव अभ्यारण क्षेत्र में वाइल्डलाइफ सफारी एवं ईको-टूरिज्म गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्थानीय नागरिकों को जिप्सी/योद्धा जैसे सफारी वाहनों के क्रय एवं संचालन हेतु सुनहरा अवसर प्रदान किया जा रहा है। इसके लिए पात्र अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
हल्द्वानी वन प्रभाग के अंतर्गत नन्धौर वन्यजीव अभ्यारण के ककराली गेट से वर्तमान में ईको-टूरिज्म गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। पर्यटन विभाग द्वारा वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के अंतर्गत स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल की गई है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो सकें।
योजना के अंतर्गत टैक्सी, जिप्सी, कैरावैन आदि वाहनों के क्रय पर अनुदान का प्रावधान है। पर्वतीय क्षेत्रों में गैर-वाहन मद हेतु पूंजी लागत का 33 प्रतिशत अथवा अधिकतम ₹33 लाख तथा वाहन मद एवं मैदानी क्षेत्रों में पूंजी लागत का 25 प्रतिशत अथवा अधिकतम ₹25 लाख तक अनुदान दिया जाएगा। वहीं इलेक्ट्रिक अथवा लक्जरी बस के क्रय पर 50 प्रतिशत या अधिकतम ₹20 लाख (जो भी कम हो) की राजसहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
आवेदन हेतु आवेदक का उत्तराखण्ड का मूल अथवा स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। बस अथवा टैक्सी संचालन के लिए न्यूनतम 5 वर्ष का कामर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस होना आवश्यक होगा।
इच्छुक अभ्यर्थी www.msy.uk.gov.in पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन के पश्चात आवेदन पत्र की दो प्रतियां आवश्यक दस्तावेजों—मूल/स्थायी निवास प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र (तहसील द्वारा जारी), जाति/भूतपूर्व सैनिक प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), कामर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस तथा वाहन कोटेशन—के साथ जिला पर्यटन विकास अधिकारी कार्यालय, चम्पावत में जमा करना अनिवार्य होगा।
अधिक जानकारी के लिए जिला पर्यटन विकास अधिकारी, चम्पावत से संपर्क किया जा सकता है। नन्धौर वाइल्डलाइफ सफारी के लिए जिप्सी/योद्धा वाहन संचालन में रुचि रखने वाले पात्र अभ्यर्थियों से शीघ्र आवेदन करने की अपील की गई है।
